दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव लगातार सरकारी कार्यालयों और विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में, कलेक्टर ने गुरुवार को जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टोर रूम में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की है।
बता दें कि पिछले वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों से मांग की गई दवाएं अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। वहीं, निरीक्षण के दौरान खराब फ्रीजर में दवाएं रखी हुई मिलीं। स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाएं भी पाई गईं। इसके अलावा रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध दवाओं का मिलान भी नहीं हो रहा था।
दो कर्मचारियों को किया गया निलंबित
कलेक्टर ने कहा कि यदि फ्रीजर खराब थे तो उन्हें समय रहते दुरुस्त कराया जाना चाहिए था और यदि वे सुधार योग्य नहीं थे, तो उन्हें बदलना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि निर्धारित तापमान में रखी जाने वाली दवाओं का इस तरह लापरवाहीपूर्वक भंडारण मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर ने सीएमएचओ को दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि दवा उपलब्ध होने के बावजूद समय पर जारी नहीं किया जाना गंभीर विषय है जिसके कारण आमजन को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही थी। उन्होंने तत्काल ही सीएमएचओ को निर्देश दिए कि इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवाएं जारी करना सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई दवा उपलब्ध नहीं है तो उसके लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले दिन तक उसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने सीएमएचओ कार्यालय का भी किया निरीक्षण
बता दें कि जिला अस्पताल के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सीएमएचओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। जैसे ही कलेक्टर सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे तो 21 कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। इस दौरान कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।






