दमोह: स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत गायन के समय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी और राहुल गांधी आपस में बातचीत करते दिखाई दिए। इस घटना को लेकर भाजपा ने इस पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए वंदे मातरम के अपमान करने का आरोप लगाया है।
अब यह विवाद इतना बढ़ गया है कि भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही है एवं कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वंदे मातरम् गीत के कथित अपमान को लेकर भाजपा के निशाने पर आए सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पार्टी अब शहर-शहर विरोध प्रदर्शन कर रही है। वहीं, मध्यप्रदेश के दमोह में भी इसी मुद्दे को लेकर दमोह में प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया है।
कैंडल मार्च भाजपा कार्यालय से शुरू हुआ, जिसमें मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में कैंडल लेकर शामिल हुए। मार्च शहर के हृदय स्थल घंटाघर पहुंचा, जहां गांधी प्रतिमा के सामने कैंडल रखकर कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् के सम्मान और कांग्रेस नेताओं के रवैये को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
नहीं सहा जाएग वंदे मातरम् का अपमान: मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी
मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस पार्टी द्वारा वंदे मातरम् के कथित अपमान से देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् के गायन के दौरान उसे रोकने का प्रयास किया। उन्होंने आगे कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान का प्रतीक है।
धर्मेंद्र सिंह लोधी ने एक कविता की कुछ लाइन सुनाते हुए कहा कि “सांस का हर सुमन है वतन के लिए, जिंदगी भी हवन है वतन के लिए, कह गई फांसियों में फंसी गर्दनें कि हमारा नमन है वतन के लिए.. वंदे मातरम्..।” ऐसा कहते हुए स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे को भी हंसते-हंसते स्वीकार किया और अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
मंत्री लोधी ने आगे कहा कि भाजपा ने तय किया है कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान के विरोध में ही भाजपा की ओर से कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया गया है।
वंदे मातरम् में नहीं है कांग्रेस की कोई श्रद्धा: भाजपा जिलाध्याक्ष
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा कि जैसा कि हम देख रहे हैं कि इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी ज्यादा वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा रहे है कि जैसे ही वंदे मातरम् का गायन शुरू होता है, वैसे ही कांग्रेस के नेताओं में हलचल शुरू हो जाती है। खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी में जो इशारों-इशारों में बातचीत होती है। वह वही जानते हैं कि आखिर उनका इशारा क्या था? लेकिन इतना तो तय कि वंदे मातरम् के प्रति उनकी श्रद्धा नहीं है। कांग्रेस ने कभी राष्ट्रीय गीत को प्राथमिकता नहीं दी। जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम् को संवैधानिक रूप देने का काम किया है तो कांग्रेस को यह बात पच नहीं रही है।





