दमोह: 10 अगस्त 2026 को सावन के दूसरे सोमवार को मध्यप्रदेश के दमोह जिले के बांकदपुर में स्थित प्रसिद्ध जागेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा और दर्शन के लिए लंबी कतारें नजर आईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती रही।
बता दें कि एक तरफ जहां मंदिरों में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ का पूजन कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर कांवड़ियों से संबंधित एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी के होश उड़ा दिए। दरअसल, भक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच बवाल की स्थिति निर्मित हो गई। बांदकपुर में कांवड़ियों के एक जत्थे ने जमकर बबाल किया और काफी देर तक हंगामा होता रहा।
आरोप है कि मंदिर के अंदर तैनात पुलिसकर्मी ने कांवड़ियों के साथ मारपीट की और उनका जल खंडित किया। जिसके बाद कांवड़िए भड़क उठे। एक कावंड़िए ने वीडियो बनाकर मामले की जानकारी दी और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि प्रसिद्ध वरमान घाट से नर्मदा जल लेकर आया कावड़ियों का एक जत्था मंदिर के अंदर पहुंचा और शिवलिंग को कावड़ का जल अर्पण करना चाह रहा था लेकिन इसी बीच मंदिर में तैनात एक पुलिसकर्मी ने कांवड़ियों को जल अर्पित करने से मना कर दिया। इस घटना के बाद बबाल खड़ा हो गया।
कांवड़ियों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनका जल फेंक दिया और उनके साथ मारपीट की। इस बात को लेकर बड़ी संख्या के कांवड़िए बांदकपुर पुलिस चौकी के सामने जमा हो गए और उन्होंने विरोध जाहिर किया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पूरे मामले में एसडीओपी का कहना है कि एक वीडियो सामने आया है जिसमें पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। समान्य तौर पर भीड़ को नियंत्रण करने के लिए मंदिर और परिसर के अंदर पुलिसकर्मी व्यवस्था में लगे हुए थे। लेकिन कांवड़ियों ने जो आरोप लगाए हैं उसकी गहन जांच कराई जा रही है।





