दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव लगातार विभिन्न सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इस बीच, गुरुवार को कलेक्टर औचक निरीक्षण के लिए सीधा जिला जेल पहुंच गए। उन्होंने जेल की रसोईघर में जो देखा वह देखकर वह भी दंग रह गए और जेल प्रबंधन के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जेल के रसोईघर में जाकर देखा तो कैदियों और बंदियों को परोसी जाने वाली रोटियां जली हुई थीं। खाना बनाने की अव्यवस्था को देख कलेक्टर ने नाराजगी जताई। जब उन्होंने जेल के खाने का मेन्यू देखा तो उस हिसाब से कैदियों को अच्छा खाना तो ठीक, दाल तक नसीब नहीं हो रही थी।
बात खाने तक सीमित नहीं थी। जब कलेक्टर ने औचक निरीक्षण के दौरान दूसरी व्यवस्थाओं को देखा तो कई खामियां नजर आईं। जिला जेल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर यादव ने जेल अधीक्षक को निर्देश भी दिए है एवं जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने को कहा।
मेन्यू के आधार पर कैदियों को नहीं मिल रहा भोजन
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे कैदी एवं बंदी भाईयों ने अनजाने में जो भी भूल की है उसकी वजह से उनको यहां आना पड़ा है। इनको हमारे संविधान एवं कानून में जो मौलिक अधिकारी दिए गए हैं। अच्छा भोजन एवं जरूरत की चीजें एवं अन्य जरूरतों को देखते हुए आज निरीक्षण किया गया है। जब निरीक्षण में खाने को लेकर चेक किया तो काफी अनियमिताएं पाई गईं। कैदियों को मेन्यू के आधार पर खाना नहीं परोसा जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि खाने में इस्तेमाल होने वाली अरहर की दाल की जगह कैदियों को चने की दाल दी जा रही है। जो काफी कम मात्रा में दी जा रही है। इतना ही नहीं रोटियां जली एवं आधी पकी हुईं थी। इन सभी अव्यवस्थाओं को देखते हुए जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित मानकों के आधार पर ही भोजन की मात्रा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जेल के अंदर बंद बंदियों से संवाद भी किया और उन्हें विधिक सहायता जैसे उपक्रमों के बारे में भी बताया है।





