दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों ने मध्य प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है, खासकर दमोह में, जहां पांच साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेसियों ने खुलकर जश्न मनाया। प्रदेश के दतिया में कांग्रेस को मिली इस शानदार जीत के बाद दमोह के कांग्रेस कार्यालयों और शहर के हृदय स्थल घंटाघर पर खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को भुनाते हुए मिठाई बांटी, जमकर आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचकर अपनी खुशी का इजहार किया। यह जश्न इसलिए भी खास था, क्योंकि पांच साल पहले इसी तरह दमोह में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा के उम्मीदवार को हराकर प्रदेश में एक अलग माहौल बनाया था, और आज फिर दतिया में मिली जीत ने उस ऐतिहासिक क्षण की यादें ताजा कर दीं।
दमोह के घंटाघर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने इस जीत को जनता की जीत करार दिया। जश्न में शामिल पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय टंडन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि उन लाखों मतदाताओं की है, जिन्होंने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि प्रदेश और देश में भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
यह हार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक बड़ा संदेश: मनु मिश्रा
इस दावे को बल देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बिहार स्थित पोलिंग बूथ और दतिया में मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ पर भाजपा को मिली हार यह साबित करती है कि जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनु मिश्रा ने कहा कि यह हार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक बड़ा संदेश है कि अब उनकी पकड़ कमजोर पड़ रही है।
जश्न के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
जश्न के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था, और उन्होंने प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारे भी लगाए। महिला नेत्री कमला निषाद और महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रजनी ठाकुर ने संयुक्त रूप से कहा कि अयोध्या का चढ़ावा चोरी कांड, छात्र आंदोलन और किसान आंदोलन जैसे मुद्दे इस चुनाव में भाजपा के पतन का कारण बने हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा के झूठे वादों और नीतियों से त्रस्त हो चुकी है।
युवाओं-किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश भाजपा को पड़ेगी भारी: मानक पटेल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल ने भविष्य की राजनीति पर बात करते हुए कहा कि जो छात्र जंतर-मंतर और देश के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन का हिस्सा बने हैं, वे ही वर्ष 2028 में मध्य प्रदेश और वर्ष 2029 में देश की राजनीति से भाजपा को किनारे लगाने में अहम किरदार निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं और किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश भाजपा को भारी पड़ेगी और आने वाले चुनावों में इसका परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कांग्रेस नेताओं ने इस जीत को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए एक शुभ संकेत माना और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। यह जीत न केवल कांग्रेस के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि उसे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नई ऊर्जा भी प्रदान करेगी। दमोह में मना यह जश्न सिर्फ एक उपचुनाव की जीत का नहीं, बल्कि भाजपा के कुशासन से मुक्ति की उम्मीद का प्रतीक बन गया।





