दतिया| मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ता का लगातार विवादों में रहना सरकार की किरकिरी करा रहा है| मंत्री विधायकों के रिश्तेदारों की दबंगई जिस तरह सामने आई है, अब इसके खिलाफ पार्टी के अंदर ही आवाज उठने लगी है| दतिया में एसडीएम और विधायक पति के बीच हुए विवाद के बाद काॅग्रेस के प्रदेश सचिव सुनील तिवारी ने सवाल उठाये हैं और नेताओं को जोश में होश रखने की नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है| वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि इस तरह के हालात जनता के बीच सरकार और कांग्रेस की जगहंसाई करा रहे हैं|
दरअसल, काॅग्रेस के प्रदेश सचिव सुनील तिवारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि काॅग्रेस कार्यकर्ताओं और अधिकारियों की बीच चल रहे गतिरोध से आमजन के कार्य लटके है। उन्होंने दो दिन पूर्व भांडेर की काॅग्रेस विधायक रक्षा सरोनिया के पति संतराम सरोनिया द्वारा दतिया अनुविभागीय कार्यालय में अभ्रदता वाली घटना और फिर विधायक द्वारा अधिकारियों की शिकायत करना और अधिकारियों द्वारा आंदोलन करने की घटना की निंदा की है। उन्होने कहा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धैर्य और समन्वय की जरूरत है। सुनील तिवारी ने इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है और अधिकारियों कर्मचारियों पर हो रहे हमले की निंदाकर उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की माॅग की है।
बता दें कि दतिया में लगातार काॅग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कानून को हाथ में लिया जा रहा है, प्रशासिनक अमला कानून हाथ में लेने वाले काॅग्रेस कार्यकर्ताओं पर आपराधिक मामले दर्ज कर रही है, हाल ही के दिनों में लगभग डेढ दर्जन काॅग्रेस कार्यकर्ताओं पर आपराधिक मामले दर्ज हुए है जिन्में बलात्कार से लेकर सरकारी अफसरों में हमला और धारा 144 धारा का उल्लंघन जैसे मामले है । सुनील तिवारी ने सीएम को पत्र लिखकर मांग की है कि कांग्रेस नेताओं को निर्देशित करें कि जनता के हित में, पार्टी के हित में काम करें| वहीं उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देशित करने की मांग की|





