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दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त, विधानसभा सचिवालय ने किया घोषित, विशेष अदालत के फैसले का दिया हवाला

Written by:Banshika Sharma
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दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। दरअसल दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन्हें एक मामले में दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। वहीं विधानसभा सचिवालय ने संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई करते हुए दतिया सीट को रिक्त घोषित किया है।
दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त, विधानसभा सचिवालय ने किया घोषित, विशेष अदालत के फैसले का दिया हवाला

मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा में दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन्हें एक मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। वहीं इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने कार्रवाई करते हुए दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया है।

दरअसल विधानसभा सचिवालय ने 2 अप्रैल 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इसमें बताया गया कि अदालत के फैसले के बाद संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के प्रावधान लागू हो गए हैं। इन नियमों के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।

तीन साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया

दरअसल दिल्ली की विशेष अदालत ने राजेंद्र भारती को एक मामले में दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। वहीं साथ ही उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई है। विधानसभा सचिवालय ने इस फैसले के आधार पर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया है और इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग को भी भेज दी गई है। अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इस सीट पर उपचुनाव कराया जा सकता है।

कैसे हो जाएगी सदस्यता तुरंत समाप्त?

वहीं इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का 10 जुलाई 2013 का एक महत्वपूर्ण फैसला भी लागू होता है। उस फैसले में कहा गया था कि यदि किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाएगी। राजेंद्र भारती के समर्थकों का कहना है कि वे इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। बताया जा रहा है कि उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और विवेक तंखा अपील दायर कर सकते हैं। अगर अदालत से सजा पर रोक मिलती है तो आगे की स्थिति बदल सकती है।

राजनीतिक रूप से यह मामला कांग्रेस के लिए भी अहम माना जा रहा है। दतिया सीट खाली होने के बाद यहां उपचुनाव होना तय माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर असर डाल सकता है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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