बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में शराब की लत को लेकर एक अहम बयान दिया है। दरअसल उन्होंने इसे सीधे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या बताया और कहा कि इस तरह की लत से जूझ रहे व्यक्ति को समय पर इलाज और सही दखल की जरूरत होती है। बता दें कि जाह्नवी कपूर ने यह बात एक खास इवेंट के दौरान कही, जहां उन्होंने एक नई पहल को समर्थन दिया। इस पहल का मकसद शराब की लत के बारे में समाज में होने वाली बातचीत के तरीके को बदलना है।
दरअसल यह पहल चाहती है कि शराब की लत पर होने वाली चर्चा को चुप्पी, शर्म और आलोचना से बाहर निकाला जाए। इसके बजाय इसे वैज्ञानिक समझ, व्यक्ति की आत्म-जागरूकता और प्रभावी चिकित्सा उपचार की दिशा में ले जाया जाए। एक्ट्रेस ने कहा कि समाज में अक्सर शराब की लत को नैतिक कमजोरी समझ लिया जाता है, जो गलत है। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई नैतिक कमी नहीं बल्कि एक वास्तविक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लिए डॉक्टर की सलाह और समय पर इलाज जरूरी होता है।
रोजमर्रा की मुलाकातों में भी शराब एक सामान्य हिस्सा बन गई
‘ऑफ द रॉक्स’ नाम के इस कार्यक्रम में जाह्नवी कपूर ने अपने आसपास के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि आजकल सामाजिक जीवन में शराब पीना काफी आम होता जा रहा है। पार्टियों, समारोहों और रोजमर्रा की मुलाकातों में भी शराब एक सामान्य हिस्सा बन गई है। लेकिन इसके साथ यह समझ बहुत कम है कि कब यह आदत एक गंभीर मेडिकल समस्या बन जाती है। यही वह समय होता है जब व्यक्ति को पेशेवर मदद की जरूरत होती है, लेकिन अक्सर इसकी पहचान नहीं हो पाती या इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।
जाह्नवी ने इस मुद्दे पर समाज की प्रतिक्रिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शराब की लत को लेकर लोग या तो बिल्कुल बात नहीं करते या फिर बहुत ज्यादा आलोचनात्मक तरीके से बात करते हैं। उनके मुताबिक इन दोनों तरीकों से उस व्यक्ति की मदद नहीं हो पाती जो इस समस्या से जूझ रहा होता है। चुप्पी और आलोचना दोनों ही उसे और अकेला कर देती हैं और वह मदद मांगने से भी डरने लगता है।
यह एक बीमारी है: जाह्नवी कपूर
एक्ट्रेस ने कहा कि शराब की लत भी एक वास्तविक मेडिकल समस्या है, ठीक वैसे ही जैसे कोई अन्य बीमारी होती है। यह किसी एक वर्ग या आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर तबके के लोगों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि यह एक बीमारी है और इससे उबरने के लिए पेशेवर मदद उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जब शराब की लत को नैतिक कमी के रूप में देखा जाता है तो पीड़ित व्यक्ति शर्म और अपराधबोध से घिर जाता है। वह अपनी समस्या परिवार या दोस्तों से भी साझा नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उसकी हालत और खराब हो जाती है। जाह्नवी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के इस पहलू को गंभीरता से समझने की जरूरत है। जब समाज इसे बीमारी के रूप में स्वीकार करेगा, तभी लोग बिना डर और सामाजिक दबाव के इलाज के लिए आगे आ पाएंगे।
यह पहल लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि शराब की लत से बाहर निकलना संभव है और इसके लिए विशेषज्ञ मदद उपलब्ध है। यह सिर्फ इच्छाशक्ति का मामला नहीं है, बल्कि दिमाग के रसायन और व्यवहार से जुड़ी एक जटिल समस्या है। सही मार्गदर्शन और थेरेपी के साथ व्यक्ति इस लत से बाहर आ सकता है और बेहतर जीवन जी सकता है। जाह्नवी कपूर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
जाह्नवी कपूर के आने वाले प्रोजेक्ट्स
प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो जाह्नवी कपूर आखिरी बार बड़े पर्दे पर शशांक खेतान के निर्देशन में बनी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ में दिखाई दी थीं। इस फिल्म में उनके साथ वरुण धवन, सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ भी मुख्य भूमिकाओं में थे।
अब जाह्नवी अपनी आने वाली तेलुगू फिल्म ‘पेड्डी’ में अभिनेता राम चरण के साथ नजर आएंगी। यह फिल्म 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है और यह जाह्नवी कपूर का दूसरा पैन-इंडिया प्रोजेक्ट होगा। इससे पहले वह फिल्म ‘देवरा’ में जूनियर एनटीआर और सैफ अली खान के साथ मुख्य भूमिकाओं में नजर आई थीं। इन फिल्मों के जरिए जाह्नवी दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।






