Hindi News

ऑस्कर जीत इन भारतीय फिल्मों ने लहराया परचम, किसी के संगीत तो किसी की कहानी ने जीता दर्शकों का दिल

Written by:Diksha Bhanupriy
Published:
भारतीय फिल्में केवल फैमिली ड्रामा और लव स्टोरी ही नहीं दिखाती बल्कि अलग-अलग विषयों को शानदार तरीके से दुनिया के सामने पेश भी करती है। ऐसे ही कुछ फिल्में जिन्हें अपनी किसी न किसी खासियत की वजह से ऑस्कर मिला है। चलिए इनके बारे में जान लेते हैं।
ऑस्कर जीत इन भारतीय फिल्मों ने लहराया परचम, किसी के संगीत तो किसी की कहानी ने जीता दर्शकों का दिल

भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में अपना परचम लहराते हुए देखा जा रहा है। पहले बॉलीवुड और साउथ की जो फिल्में केवल वहीं के दर्शक तक सीमित रहती थी। अब उन्हें पैन इंडिया लेवल पर रिलीज किया जा रहा है। केवल देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी फिल्मों के प्रीमियर होने लगे हैं। वहां रहने वाले भारतीय और बॉलीवुड को पसंद करने वाले अन्य दर्शक इन फिल्मों को जबरदस्त रिस्पांस देते हैं।

वैसे तो हर जगह भारतीय सिनेमा अमिट छाप छोड़ने में लगी हुई है लेकिन ऑस्कर की रेस में खुद को बनाए रखना इसके लिए हमेशा कठिन रहा है। वैसे वह मौके भी देखने को मिले हैं जब इस अवॉर्ड शो में भारत में अपना दम दिखाया है। फिल्मों से लेकर म्यूजिक, डॉक्यूमेंट्री और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग तक कलाकारों ने ट्रॉफी जीतकर देश का मान बढ़ाया है। चलिए उन फिल्मों के बारे में जान लेते हैं जिन्होंने ऑस्कर अपने नाम किया है।

गांधी

वैसे तो इस फिल्म का निर्देशन रिचर्ड एटनबरो ने किया था लेकिन ऑस्कर जितना भारत के लिए ऐतिहासिक था। भानु अथैया को इस फिल्म के लिए बेस्ट कॉस्टयूम डिजाइनर का अवॉर्ड मिला और वह ऑस्कर हासिल करने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने महात्मा गांधी के सादगी और भारतीय परिवेश से जुड़े कपड़ों को बड़े पर्दे पर किसी सपने की तरह साकार कर दिया था। इस फिल्म ने अपने नाम कुल 8 ऑस्कर किए थे।

स्लमडॉग मिलिनेयर

ऑस्कर के मंच पर इस फिल्म का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला था। इसमें संगीतकार ए आर रहमान को अपने गाने जय हो के लिए दो ऑस्कर मिले। गुलजार को बेस्ट लिरिक्स और रसूल को बेस्ट साउंड मिक्सिंग का अवॉर्ड दिया गया। मुंबई की झुग्गी बस्तियों पर बनी इस कहानी के संगीत में हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया था।

आरआरआर

एसएस राजामौली की इस फिल्म ने दुनिया भर में धूम मचा दी थी। राम चरण-जूनियर एनटीआर की जोड़ी ने फिल्म के गाने नाटू नाटू में इतनी जबरदस्त स्टेप की थी कि दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए थे। ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में इसे ऑस्कर मिला था। किसी भी भारतीय फिल्म को संगीत श्रेणी में मिलने वाला यह पहला ऑस्कर था।

द एलीफेंट व्हिस्पर्स

गुनीत मोंगा और कार्तिकी गोंजाल्विस ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म के लिए ऑस्कर हासिल किया था। इसमें एक अनाथ हाथी के बच्चे और एक आदिवासी परिवार के बीच भावनात्मक रिश्ते की कहानी बताई गई थी। नीलगिरी के जंगलों में फिल्माई गई ये डॉक्यूमेंट्री इंसान और प्रकृति के गहरे जुड़ाव को दिखाती है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
Follow Us :GoogleNews