सब इंस्पेक्टर को लॉकडाउन का पालन कराना पड़ा महंगा, राजनीतिक दबाव में किये गए लाइन अटैच!

सब इंस्पेक्टर को लॉकडाउन का पालन कराना पड़ा महंगा, राजनीतिक दबाव में किये गए लाइन अटैच!

दतिया/सत्येंद्र रावत

जिले में लॉक डाउन के चलते कोरोना महामारी से लड़ने में कर्मवीर की भूमिका निभा रहे एक पुलिस अधिकारी को अपने कर्तव्य का पालन करना महंगा पढ़ गया। इस सब इंस्पेक्टर को राजनीतिक दबाब के चलते तुरंत ही लाइन अटैच का रास्ता दिखा दिया गया।

दतिया जिले में अभी तक पुलिस द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन न करने या धारा 144 का उल्लंघन करने पर दुकानदारों या किसी जगह पर अधिक लोगों की भीड़ एकत्रित होने पर दिन प्रतिदिन कार्रवाई की जा रही है। लेकिन सेवढ़ा अनुभाग थाना अंतर्गत सेवढा नगर में इस बार सोशल डिस्टेंस का पालन कराना पुलिस को ही महंगा पड़ गया। क्योंकि मामला सत्ता पक्ष के नेताओ से जुड़ी राजनीति का हो गया था। और मामले को तूल पकड़ते देख सब इंस्पेक्टर अमित साहू को चंद मिनटों में ही दतिया लाइन अटैच कर दिया गया।

मामला मंगलवार सुबह का है जब अस्थाई तौर पर कृषि उपज मंडी सेवढा के परिसर में  सब इंस्पेक्टर अमित साहू की ड्यूटी लॉक डाउन के तहत मोबाइल पेट्रोलिंग में लगी हुई थी। उनके द्वारा लॉकडाउन के चलते व्यवस्था बनाई जा रही थी और सोशल डिस्टेंस का बाकायदा पालन कराया जा रहा था। मंडी प्रांगण में भीड़ अधिक होने से सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो रहा था, कुछ लोगो के साथ सेवढा बजरिया महोल्ला निवासी अमित पाठक खड़े होकर आपस में बात कर रहा था। तभी पुलिस की रोकटोक करने से अमित पाठक झगड़े पर उतारू हो गए, इसके बाद सब इंस्पेक्टर अमित साहू द्वारा उक्त युवक को सेवढा थाने में लेकर आया गया। तभी आए.एस, बजरंगदल एव भाजपा नेता थानेमें एकत्रित हो गए। थोड़ी ही देर में मामला तूल पकड़ने के कारण सब इंस्पेक्टर अमित साहू को लाइन अटैच कर दिया गयाय़

इस मामले में अमित साहू का कहना है कि मंडी प्रांगण में भीड़ अधिक हो रही थी। उसी दौरान करीब 8 बजे सुबह अमित पाठक द्वारा दो-चार लोगों को भीड़ का घेरा बनाकर खड़ा किया हुआ था। उनको सोशलिस्ट डिस्टेंस का पालन करने को कहा गया, लेकिन अमित पाठक नहीं माने और कहने लगा कि जाकर कहीं और डिस्टेंसिंग का पालन कराओ। तब मैंने फिर से उन्हें सोशल डिस्टेंस के बारे में बताया। इस पर अमित पाठक द्वारा उपनिरीक्षक से अभद्रता की तो मैं उन्हें थाने लेकर आया और एच सी एम को सुपुर्द कर दिया। ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी द्वारा बताया गया कि आपको एसडीओपी सेवढा द्वारा फोन पर लाइन अटैच कर दिया गया है। जबकि उक्त व्यक्ति पर सोशल डिस्टेंशन का पालन न करने का 188 का उल्लंघन करना एवं शासकीय कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर गाली गलौज करने की कार्यवाही की जानी थी लेकिन उल्टा मुझ पर ही कार्यवाही की गई ।

हालांकि अब उच्च अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश में हैं, दतिया एसपी अमन सिंह राठौड़ का कहना है कि अमित साहू को प्रशासनिक कार्यों के चलते लाइन अटैच किया गया है और इस संबंध में एसडीओपी से बात कर सकते हैं। एसडीओपी आर एस राठौर से बात करने पर उन्होने कहा कि उस लड़के ने शिकायत की थी कि अमित साहू ने मेरे साथ मारपीट की थी और इसके अलावा कोई बात नहीं है। उन्होने कहा कि आगे जांच होगी उसमें सब पता चल जाएगा।

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