धार नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार से काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन कर्मचारियों ने शहर की सड़कों पर उतरकर एक बड़ी रैली निकाली और नगर पालिका दफ्तर पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर भर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
हड़ताल की वजह से शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह से कचरा उठाने का काम नहीं हो सका, जिससे जगह-जगह कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। नगर पालिका कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए सफाई कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह हड़ताल ऐसे ही चलती रहेगी। पहले ही दिन शहर के लोगों को गंदगी और सफाई न होने से भारी परेशानी उठानी पड़ी।
हाथों में झाड़ू और तिरंगा लेकर पहुंचे नगर पालिका
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों का एक अलग ही रूप देखने को मिला। कर्मचारी अपने हाथों में सफाई करने वाली झाड़ू और देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर नगर पालिका दफ्तर पहुंचे थे। वाल्मीकि सेना के धार प्रभारी शंकर खोड़े ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बात पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसी वजह से मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
10 साल काम करने वालों को पक्की नौकरी की मांग
दरासल, सफाई कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि जो कर्मचारी पिछले 10 सालों से काम कर रहे हैं, उन्हें तुरंत पक्की नौकरी दी जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों का कहना है कि नगर पालिका में चल रही ठेका प्रथा और आउटसोर्स सिस्टम को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए। कर्मचारियों का मानना है कि ठेकेदारी प्रथा की वजह से उनका लगातार शोषण हो रहा है और उन्हें उनका पूरा हक नहीं मिल पाता है।
मेडिकल अनफिट कर्मचारियों के परिजनों को मिले काम
कर्मचारियों ने अपनी मांगों में यह भी शामिल किया है कि अगर कोई कर्मचारी बीमारी या मेडिकल कारणों से काम करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसकी जगह उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाए। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मौत हो जाने पर उसके परिवार को तुरंत 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद मिले। साथ ही रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों को 10 लाख रुपए देने की बात कही गई है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं होता, तब तक प्रदेश इकाई के निर्देशानुसार यह हड़ताल जारी रहेगी। अगर यह हड़ताल आने वाले दिनों में और लंबी खींचती है, तो शहर में सफाई का संकट और गहरा सकता है। इससे आने वाले दिनों में आम जनता और दुकानदारों को भारी फजीहत और गंदगी का सामना करना पड़ेगा।






