धार जिले के राजगढ़ में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) 5 अक्टूबर को किसानों की समस्याओं को लेकर वाहन रैली निकालेगी। दरअसल रैली सुबह 11 बजे कृषि उपज मंडी राजगढ़ से शुरू होगी और सरदारपुर एसडीएम कार्यालय तक जाएगी। यहां किसान सिंचाई के पानी, सोयाबीन की MSP पर खरीदी, सूखाग्रस्त गांवों को आर्थिक मदद और फसल को नुकसान पहुंचा रही नीलगायों से जुड़े मुद्दों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि क्षेत्र के किसान लंबे समय से सिंचाई के पानी की कमी समेत कई समस्याओं से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि कई इलाकों में खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। इन्हीं मांगों को प्रशासन के सामने रखने के लिए वाहन रैली निकाली जा रही है। धार जिले में सिंचाई के पानी को लेकर किसान पहले भी प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं।

नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी जलाशयों तक पहुंचाने की मांग

दरअसल रैली के दौरान किसान राजगढ़ से सरदारपुर तक वाहनों के साथ जाएंगे। यूनियन की ओर से क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की गई है। रैली के बाद सरदारपुर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसानों की प्रमुख मांग नर्मदा सिंचाई परियोजना के पानी को क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों तक पहुंचाने की है। भारतीय किसान यूनियन की ओर से कालीकराई, माही नदी, गोविंदपुरा, उंडेली तालाब, महावीर जलाशय और मेस्को डेम अमझेरा समेत अन्य जल स्रोतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी जाएगी। यूनियन का कहना है कि पानी की कमी के कारण किसानों को खेती में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों को आर्थिक सहायता की मांग

इसके साथ ही जिन गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं है उन्हें सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी की जाएगी। किसानों का कहना है कि ऐसे गांवों के किसानों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। ज्ञापन में सोयाबीन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर जल्द शुरू करने की मांग भी शामिल रहेगी। किसानों की ओर से सिंचाई से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग प्रशासन के सामने रखी जाएगी।

नीलगायों से फसल बचाने की मांग

वहीं वाहन रैली के दौरान किसान रिंगनोद-वाकड़ घाटा तालाब का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग भी उठाएंगे। यूनियन के मुताबिक क्षेत्र में सिंचाई की जरूरत को देखते हुए तालाब निर्माण का मुद्दा किसानों के लिए अहम है। इसके अलावा खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रही नीलगायों की समस्या भी ज्ञापन में शामिल की जाएगी। किसानों की मांग है कि नीलगायों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए ताकि फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।