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MP Pharma Hub: पीथमपुर में 2000 करोड़ का मेगा निवेश, हेलियन ग्रुप की यूनिट से 1000 युवाओं को रोजगार

Written by:Bhawna Choubey
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मध्य प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। पीथमपुर में हेलियन ग्रुप की पहली फार्मा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होने जा रही है, जिसमें 2000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब प्रदेश फार्मा सेक्टर में भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। पीथमपुर में हेलियन ग्रुप द्वारा 2000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली नई फार्मा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस परियोजना के जरिए मध्य प्रदेश को ग्लोबल फार्मा हब के रूप में विकसित करने की रणनीति को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल, आसान प्रक्रियाएं और निवेशकों को मिलने वाला सहयोग नई कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। यही वजह है कि हेलियन ग्रुप ने भारत में अपनी पहली उत्पादन इकाई के लिए पीथमपुर को चुना है। औद्योगिक दृष्टि से पहले से ही महत्वपूर्ण पीथमपुर अब फार्मास्युटिकल क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में सामने आएगा। यूनिट के शुरू होने के बाद करीब 1000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन, मेंटेनेंस और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। इससे आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

फार्मा मैन्युफैक्चरिंग से बढ़ेगी निर्यात क्षमता

हेलियन ग्रुप की यह यूनिट केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहेगी। यहां तैयार होने वाले उत्पाद भारत के साथ-साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों में भी भेजे जाएंगे। इससे मध्य प्रदेश की निर्यात क्षमता बढ़ेगी और राज्य विदेशी बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में बड़े पैमाने पर फार्मा उत्पादन इकाइयों का स्थापित होना किसी भी राज्य के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिलता है।

पीथमपुर क्यों बन रहा निवेशकों की पहली पसंद?

पीथमपुर को लंबे समय से मध्य भारत का औद्योगिक केंद्र माना जाता है। यहां बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक सुविधाएं, औद्योगिक जमीन और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। यही कारण है कि ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बाद अब फार्मा कंपनियां भी यहां निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं।

राज्य सरकार का दावा है कि निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम, तेज मंजूरी प्रक्रिया और आधारभूत सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। इससे उद्योगों को जल्द काम शुरू करने में मदद मिलती है। आने वाले वर्षों में यदि इसी तरह निवेश बढ़ता रहा तो मध्य प्रदेश न केवल देश का महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र बनेगा, बल्कि फार्मा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में भी नई पहचान हासिल कर सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि नए उद्योगों के आने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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