डिंडौरी।प्रकाश मिश्रा। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के साथ निजी शिक्षण संस्थाओं में की जाने वाली हिंसा पर लगाम नहीं लग पा रहा है प्रायः देखा जा रहा है कि बच्चों की छोटी-छोटी गलतियों पर विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के द्वारा हिंसात्मक प्रवृत्ति अपनाई जाती है और उनके साथ मारपीट की जाती है। ऐसे ही एक मामला जिला मुख्यालय के निजी शिक्षण संस्थान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की शाखा सुबखार का सामने आया है जहां पांचवीं कक्षा के 10 साल के मासूम छात्र के साथ विद्यालय के शिक्षक ने क्रूरतापूर्ण व्यवहार करते हुएडंडे से पिटाई कर दी। मामले का तब खुलासा हुआ जब बच्चे की मां नहलाने के लिए बच्चे के कपड़े उतारे और पीठ हाथ एवं चेहरे पर निशान देखें ।मां के पूछने पर बच्चे ने बताया कि उसके शिक्षक ने दो दिन पहले उसके साथ मारपीट की। बच्चे के माता पिता पहले तो बच्चे को लेकर स्कूल प्रबंधन के पास पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया ।उसके बाद मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस में की। कोतवाली पुलिस ने पिता दिनेश लारिया की शिकायत पर एफ आई आर दर्ज करते हुए जिला अस्पताल पहुंचाकर मुलाहजा कराया जहां डाक्टरों ने भी बच्चे के साथ मारपीट किए जाने की पुष्टि की । मारपीट करने वाले शिक्षक का नाम मुकेश यादव बताया जा रहा है।
10 साल के मासूम को शिक्षक ने डांटे से पीटा, परिजनों ने पुलिस में की शिकायत
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






