बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने एक बार फिर अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘महाभारत’ पर बात की है। उन्होंने इसे अपना सपना बताया है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि इस पर फिल्म बनाना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वे इसमें कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहते।
एक हालिया इंटरव्यू में आमिर ने कहा कि वे इस प्रोजेक्ट को लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं, क्योंकि यह विषय करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा है।
‘महाभारत भारतीयों के खून में है’
आमिर खान ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में महाभारत के सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह मेरा सपना है। देखते हैं कि यह एक दिन हकीकत बनता है या नहीं। मैं इस फिल्म को बनाना चाहता हूं, लेकिन यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। भारतीय इससे बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। यह हमारे खून में है।”
उन्होंने आगे कहा कि शायद ही कोई ऐसा भारतीय होगा जिसने भगवद् गीता न पढ़ी हो या अपनी दादी-नानी से इसकी कहानियां न सुनी हों। ऐसे में इस विषय पर फिल्म बनाते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी।
“आप महाभारत को निराश कर सकते हैं, महाभारत आपको कभी निराश नहीं करेगी। अगर आप खराब काम करेंगे, तो आप इसे खराब कर देंगे। मैं चाहता हूं कि अगर मैं कभी यह फिल्म बनाऊं, तो उसे इस तरह से बनाऊं कि सभी भारतीयों को सच में गर्व महसूस हो।” — आमिर खान
‘हॉलीवुड फैंटेसी की मां है महाभारत’
आमिर ने महाभारत की तुलना हॉलीवुड की बड़ी फैंटेसी फिल्मों से की। उन्होंने कहा, “इतने सालों में हमने ‘अवतार’ जैसी कई बड़ी हॉलीवुड फिल्में देखी हैं, जो शानदार एंटरटेनर रही हैं। लेकिन महाभारत इन सबकी मां है। मुझे लगता है कि भारतीयों को इस पर गर्व करना चाहिए।”
इसी वजह का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “मैं अपना समय ले रहा हूं क्योंकि मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि यह सही तरीके से बने।” आमिर का यह बयान दिखाता है कि वे इस प्रोजेक्ट को सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के तौर पर देखते हैं और इसे वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना चाहते हैं।





