बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता राजपाल यादव ने गुरुवार को चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार शाम 4 बजे तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने एक दिन बाद आत्मसमर्पण किया। यह मामला कर्ज न चुका पाने से जुड़ा है, जिसमें उन्हें पहले भी दोषी ठहराया जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक, राजपाल यादव ने गुरुवार शाम करीब 4 बजे जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने सरेंडर करने के लिए कुछ और दिनों की मोहलत मांगी थी।
अदालत ने दिखाई सख्ती, अर्जी की खारिज
राजपाल यादव की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है।
“मैंने आपकी अर्जी पहले ही खारिज कर दी थी और सरेंडर के लिए दो दिन का समय दिया था। आपने कहा था कि आप बॉम्बे में हैं, इसलिए आपको यह समय दिया गया था। अब ऐसा नहीं लगता कि नरमी दिखाने का कोई और आधार बचा है।” — दिल्ली हाईकोर्ट
अदालत की इस टिप्पणी के बाद राजपाल यादव के पास सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उनके वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उन्होंने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और अगर एक हफ्ते का समय मिले तो वह भुगतान कर देंगे, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कई साल पुराना है, जिसमें राजपाल यादव पर कर्ज लेकर उसे समय पर न चुकाने का आरोप है। उन्होंने कुल 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय सीमा के भीतर यह राशि जमा नहीं कराई गई। इसी मामले में उन्हें 2024 में दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाई गई थी, जिसके खिलाफ वह कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
वर्क फ्रंट की बात करें तो राजपाल यादव जल्द ही ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे। फिलहाल दोनों फिल्मों की शूटिंग चल रही है।





