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धर्मेंद्र की याद में नम हुईं बॉबी देओल की आंखें, बोले – ‘पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया’

Written by:Rishabh Namdev
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अभिनेता बॉबी देओल अपने दिवंगत पिता धर्मेंद्र को याद कर भावुक हो उठे, उन्होंने बताया कि उनके जाने से न केवल परिवार बल्कि पूरी दुनिया में खालीपन आ गया है। चलिए जानते हैं बॉबी देओल ने क्या कहा है?
धर्मेंद्र की याद में नम हुईं बॉबी देओल की आंखें, बोले – ‘पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया’

पिता का साया सिर से उठने पर हर संतान को गहरा खालीपन महसूस होता है, और जब वह पिता धर्मेंद्र जैसा व्यक्तित्व हो, तो यह पीड़ा और भी बढ़ जाती है। दरअसल बॉलीवुड के ही-मैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे, और उनके जाने का दर्द उनके बेटे व अभिनेता बॉबी देओल की आँखों में साफ झलक रहा है। हाल ही में बॉबी देओल अपने पिता को याद करते हुए बेहद भावुक हो गए, उन्होंने बताया कि उनके पिता एक ऐसे इंसान थे जिन्हें पूरी दुनिया बेहद प्यार करती थी।

दरअसल अभिनेता बॉबी देओल चैट शो ‘शेखर टुनाइट’ में होस्ट शेखर सुमन के साथ बातचीत के दौरान अपने जीवन में आए इस गहरे खालीपन के बारे में बात कर रहे थे। पिता धर्मेंद्र के चले जाने से जो रिक्तता आई है, उसे व्यक्त करते हुए उनकी आँखें नम हो उठीं। यह पल दर्शकों के लिए भी हृदय विदारक था, जब एक बेटा अपने महान पिता की स्मृतियों में खोया हुआ था।

शेखर सुमन भी हुए भावुक

वहीं बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने भी भावुक होते हुए कहा कि एक बहुत बड़ा पेड़ होता है जिसके नीचे पूरा परिवार बंधा होता है। जब वह चला जाता है तो बहुत खाली-खाली सा लगता है। इस पर बॉबी देओल ने अपने जीवन की एक और गहरी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि सालों पहले कम उम्र में उन्होंने भी अपने बेटे को खोया था, जिसका जख्म आज भी हरा है और कभी भरा नहीं जा सकता। यह दर्शाता है कि जीवन में अपनों को खोने का दर्द कितना गहरा और स्थायी होता है।

जानिए बॉबी देओल ने क्या कहा?

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वहीं बॉबी ने बताया कि उनके लिए उनके पापा बेहद खास थे। वे ऐसे इंसान थे जिन्हें पूरी दुनिया बहुत प्यार करती थी। हमें यह एहसास हमेशा से था कि उनकी शख्सियत कितनी बड़ी और प्रभावशाली है। अब जब वे चले गए हैं तो यह दर्द सिर्फ हमारे परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। आज भी मैं जहां कहीं जाता हूं, लोग उन्हें याद करके भावुक हो जाते हैं। पापा बहुत स्पेशल थे, उनके जैसा कोई नहीं हो सकता। यह उनके व्यक्तित्व की विशालता का प्रमाण है कि उनका प्रभाव केवल परिवार तक सीमित नहीं था, बल्कि जनमानस के हृदय में भी वे एक विशेष स्थान रखते थे।

वहीं शेखर सुमन ने धर्मेंद्र की सादगी और उनके सहज स्वभाव की तारीफ करते हुए कहा कि वे अपने परिवार के अलावा फार्महाउस पर मिलने वाले हर व्यक्ति, चाहे वह माली हो या घरेलू मददगार, सभी से प्यार से बात करते थे। वे बैंगन, मेथी और पराठों जैसी छोटी-छोटी बातों में भी खुशी महसूस करते थे। यह उनकी विनम्रता और जीवन के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो उन्हें वास्तव में एक ‘ही-मैन’ के साथ-साथ एक ‘डाउन-टू-अर्थ’ इंसान बनाता था।

पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया: बॉबी देओल

बॉबी देओल ने इस दौरान यह भी कहा कि पिता के जाने के बाद जीवन बहुत बदल गया है। हालांकि परिवार अब भी एक-दूसरे का साथ दे रहा है और एक-दूसरे का सहारा बन रहा है, लेकिन पापा वाली जगह कभी पूरी नहीं हो सकती। उनके बिना घर में एक ऐसा खालीपन है जिसे कोई नहीं भर सकता। यह एक ऐसे स्तंभ के गिरने जैसा है जो पूरे परिवार को थामे हुए था।

धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने छह दशकों से ज्यादा का शानदार करियर बनाया और अनगिनत फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा। नवंबर 2025 में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें और उनका काम हमेशा भारतीय सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगा। उनका जीवन और उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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