फिल्म इंडस्ट्री से एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ अभिनेता विजय कृष्णा अब हमारे बीच नहीं रहे। 81 साल की उम्र में उनका निधन हुआ है। उनकी मृत्यु की जानकारी अभिनेत्री लिलिएट दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की।
मुख्यधारा सिनेमा देखने वाली पीढ़ी विजय कृष्णा को संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में निभाए गए किरदार नारायण मुखर्जी के रूप में पहचानती है। इस फिल्म में वह शाहरुख खान के पिता की भूमिका में थे और उनका सख्त, नियंत्रित और प्रभावी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों के बीच अलग से नोटिस किया गया था।
लिलिएट दुबे ने Instagram पर दी जानकारी
लिलिएट दुबे ने अपने आधिकारिक Instagram अकाउंट पर विजय कृष्णा की तस्वीरें साझा करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। पोस्ट में उन्होंने उन्हें लंबे समय तक थिएटर परिवार का हिस्सा बताया।
“दिल टूट गया है। हमारे प्यारे विजय कृष्णा, जो 25 सालों से ज्यादा समय तक हमारे थिएटर परिवार और ‘डांस लाइक अ मैन’ का हिस्सा रहे, अब हमारे बीच नहीं रहे… बहुमुखी प्रतिभा के धनी, प्रतिभाशाली अभिनेता, अपने खास ह्यूमर के लिए मशहूर… उनकी पत्नी स्मिता, बेटियों नायरिका और फ्रेयान और पूरे परिवार के लिए प्यार और प्रार्थनाएं।” — लिलिएट दुबे
इस पोस्ट के बाद फिल्म और थिएटर से जुड़े कई लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी और विजय कृष्णा को याद किया।
देवदास से मिली व्यापक पहचान, थिएटर में लंबा सफर
विजय कृष्णा का काम सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। भारतीय थिएटर में भी उनकी सक्रिय मौजूदगी लंबे समय तक रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 25 साल से अधिक समय तक रंगमंच से जुड़कर अभिनय किया।
साल 2004 में आई फिल्म डांस लाइक ए मैन के लिए भी उनके काम की सराहना हुई थी। यह वही प्रोजेक्ट था, जिसका जिक्र लिलिएट दुबे ने अपनी पोस्ट में भावुक अंदाज में किया है।
अभिनय के साथ कॉरपोरेट और पर्यावरण से भी जुड़ाव
विजय कृष्णा की पहचान बहुआयामी रही। अभिनय के अलावा उन्हें एक एनवायरमेंटलिस्ट के तौर पर भी जाना जाता था। वे गोदरेज समूह के बिजनेस में पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रहे थे। यानी उनका सार्वजनिक जीवन केवल कैमरे और मंच तक सीमित नहीं था, बल्कि कॉरपोरेट और सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा हुआ था।
फिल्मी पर्दे पर उन्होंने कई बार सख्त और अनुशासित किरदार निभाए, लेकिन उनके साथ काम कर चुके लोगों ने निजी जीवन में उन्हें गर्मजोशी भरा और विनम्र व्यक्ति बताया। यही वजह है कि उनके निधन की खबर के साथ उद्योग जगत में व्यक्तिगत स्मृतियां भी सामने आ रही हैं।
विजय कृष्णा के जाने से हिंदी सिनेमा और थिएटर—दोनों क्षेत्रों ने एक अनुभवी कलाकार को खो दिया है, जिसे दर्शक उसके असरदार किरदारों और सहयोगी कलाकार उसकी मानवीय मौजूदगी के लिए याद रखेंगे।






