बॉलीवुड का ट्रेजेडी किंग, जिसे चांदी की केतली में परोसी जाती थी चाय, केवल 57 फिल्मों में किया काम

दिलीप कुमार बॉलीवुड इंडस्ट्री के लीजेंडरी एक्टर में से एक हैं। उसे दौर में उन्हें ट्रेजेडी किंग कहा जाता था क्योंकि वो इमोशनल किरदार निभाते थे।
Dilip Kumar

बॉलीवुड के सितारे जितना अपनी फिल्मों और प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में रहते हैं। उतनी ही चर्चा उनकी लैविश लाइफस्टाइल की भी होती है। दर्शक इस बात को लेकर हमेशा उत्सुक रहते हैं कि सितारों के निजी जिंदगी में क्या चल रहा है।

हर फैन इस बारे में जानना चाहता है कि उसका फेवरेट सितारा कैसे घर में रहता है। किस गाड़ी में घूमता है और किन चीजों का उपयोग करता है। आज हम आपको एक ऐसे सितारे के बारे में बताते हैं जिसे बॉलीवुड किंग कहा जाता था। यह बात हैरान करने वाली जरूर है लेकिन उन्हें चांदी की केतली में चाय परोसी जाती थी।

दिलीप कुमार थे बॉलीवुड किंग (Dilip Kumar)

वुड डायलॉग तो आप सभी को याद होगा जिसमें एक कैदी को जोरदार थप्पड़ पड़ता है और वह कहता है कि थप्पड़ की गूंज अब तुम्हें सुनाई देगी। यह डायलॉग उस समय बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हुआ था। इस फिल्म में सुपरस्टार दिलीप कुमार और अनुपम खेर को देखा गया था। हमसे बॉलीवुड किंग की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि दिलीप कुमार थे। जिन्होंने 50 साल तक हिंदी सिनेमा में काम किया।

चांदी की केतली में चाय

दिलीप कुमार अपने द्वारा के लिए जनवरी एक्टर में से एक थे। अनुपम खेर ने खुद एक किस्सा शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि जब वह फिल्म की शूटिंग कर रहे थे तब 11 बजे एक सफेद मर्सिडीज़ पहुंची। उसमें से सफेद कपड़े पहना एक शख्स बाहर आया जैसे कोई राजा आया है। उनके आते ही चांदी के बर्तनों में चाय और बिस्किट लाया गया। उन्होंने चाय पी आराम किया और कहा कि आज शूटिंग नहीं करेंगे, कल करेंगे।

एक्टर की बात सुनने के बाद बिना सवाल किए सभी ने हां में सर हिला दिया। दरअसल दिलीप कुमार उस दौर के ऐसे एक्टर थे जिनके साथ काम करना हर कलाकार का सपना था। उन्हें कोई भी रोक-टोक नहीं सकता था। उनके बोलने का अंदाजा ऐसा था कि सब उनकी बातें मान जाया करते थे और उन्हें बहुत सम्मान देते थे। 50 सालों में उन्होंने 57 फिल्में की लेकिन फिर भी लीजेंडरी एक्टर बन गए।

कई हिट फिल्मों में किया काम

दिलीप कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 1944 से की थी। उन्होंने सबसे पहले फिल्म ज्वार भाटा में काम किया। अपने पूरे करियर के दौरान वह 57 फिल्मों में लीड कैरेक्टर में नजर आए और कुछ में उन्होंने कैमियो भी किया। उसे दौर में उन्हें ट्रेजेडी किंग कहा जाता था क्योंकि वह गंभीर और इमोशनल किरदारों में नजर आते थे। मुग़ल-ए-आज़म से लेकर देवदास, राम और श्याम, नया दौर, गंगा जमुना, विधाता, सौदागर, क्रांति, कर्मा जैसी फिल्मों में उन्हें बेहतरीन काम करते हुए देखा गया। उन्होंने 8 फिल्मफेयर अवार्ड अपने नाम लिए।

कैसी रही पर्सनल जिंदगी

एक्टर की पर्सनल जिंदगी की बात करें तो 1966 में उन्होंने खुद से 22 साल छोटी सायरा बानो से शादी की। शादी के 16 साल बाद 1982 में उन्होंने चुपचाप आसमा रहमान से शादी कर ली। अखबारों के सरिया यह खबर सायरा तक पहुंची तो उनका दिल टूट गया। कुछ समय बाद डिलीट नहीं इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती मान और सायरा से माफी मांगते हुए असमा से तलाक ले लिया। इसके साथ उन्होंने एक कमिटमेंट लेटर भी दिया कि वह दोबारा शादी नहीं करेंगे। इस धोखे के बावजूद भी सायरा ने उन्हें अपनाया और आखिरी वक्त तक उनका साथ दिया।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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