बॉलीवुड एक ऐसी इंडस्ट्री है जो केवल लव स्टोरी, फैमिली, हॉरर एक्शन से भरपूर फिल्में ही नहीं बल्कि ऐसी फिल्में भी बनाती है जो लोगों को जागरूक करने का काम करती है। अब तक कई अलग-अलग विषयों पर बॉलीवुड में फिल्मों का निर्माण हो चुका है। इसी तरह से अब महिलाओं के मेनोपॉज मुद्दे पर एक शानदार फिल्म रिलीज की जाने वाली है।

टेलीविजन एक्ट्रेस काम्या पंजाबी शानदार फीचर फिल्म में मी नो पॉज मी प्ले लेकर आ रही हैं। इसका पहला पोस्टर रिलीज कर दिया गया है। आपको बता दें कि यह मेनोपॉज पर आधारित भारत की पहली फीचर फिल्म है। इसके जरिए सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहा है।

Me No Pause Me Play का उद्देश्य

महिलाओं से जुड़े इस मुद्दे पर आ रही इस कहानी का खास उद्देश्य है। दरअसल ये महिलाओं के जीवन के उस अनकहे चैप्टर की कहानी है जिस पर अक्सर लोग बात नहीं करते। यह महिलाओं के स्वास्थ्य, उनके अंदर आने वाले भावनात्मक बदलाव और आत्म स्वीकृति को दर्शाने वाली एक शानदार कहानी है। इस कहानी के माध्यम से इस बात को सामान्य रूप से लोगों के सामने रखने की कोशिश की जाएगी।

कब आएगी फिल्म (First feature film on Menopause)

हर साल 18 अक्टूबर को वर्ल्ड मेनोपॉज डे मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य मासिक धर्म के स्थाई रूप से बंद हो जाने के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है। यह दिन महिलाओं के समर्थन में मनाया जाता है जो इस प्राकृतिक बदलाव का सामना कर रही हैं। इसी विषय पर यह पूरी फिल्म बनाई गई है ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधित चिताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

 

इस फिल्म के लेखक को निर्माता मनोज कुमार शर्मा हैं। फिल्म की कहानी तएक ऐसे विषय पर चुप्पी तोड़ेगी जिसके बारे में बात करना लगभग वर्जित है। यह फिल्म बताएगी कि जब महिलाएं जीवन के इस दौर से गुजर रही होती हैं तो किस तरह से स्वास्थ्य संबंधी और भावनात्मक बदलाव का सामना करती हैं। यह फिल्म 28 नवंबर 2025 को रिलीज की जाएगी।

नजर आएंगे ये कलाकार

महिलाओं से जुड़े विषय पर बनाई जा रही इस फिल्म में काम्या पंजाबी के साथ दीपशिखा नागपाल, सुधा चंद्रन, मनोज कुमार शर्मा, अमन वर्मा और एमी जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। यह सभी कलाकार मिलकर एक शानदार विषय और उसके प्रति विविध दृष्टिकोण पर्दे पर उतार कर समाज के सामने रखेंगे।

काम्या का क्या कहना

काम्या पंजाबी को इस फिल्म में लीड एक्ट्रेस के तौर पर देखा जाने वाला है। अपनी इस फिल्म के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर महिला को इस फिल्म की कहानी अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को दिखाने का काम करेगी। यह भावनात्मक नहीं बल्कि वास्तविक कहानी है। अब समय आ गया है कि मेनोपॉज के बारे में शर्म नहीं गर्व महसूस किया जाए।