बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल के खिलाफ उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई 2017 में हुए एक शादी के कार्यक्रम से जुड़े विवाद के मामले में की गई है। वारंट जारी होने की खबरों के बाद अभिनेत्री ने Instagram स्टोरीज के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है और मामले को सुलझा हुआ बताया है।
इवेंट ऑर्गेनाइजर पवन वर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 16 नवंबर 2017 को एक शादी समारोह में परफॉर्मेंस के लिए अमीषा पटेल से कॉन्ट्रेक्ट किया गया था। इसके लिए 14.50 लाख रुपये का एडवांस पेमेंट भी किया गया। मुरादाबाद के दिल्ली रोड पर स्थित होटल में ठहरने की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन अभिनेत्री तय तारीख पर शहर नहीं पहुंचीं।
चेक बाउंस का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में हुई बातचीत के दौरान आंशिक धनवापसी की गई। 10 लाख रुपये नकद वापस किए गए, जबकि शेष 4.50 लाख रुपये के लिए दिया गया चेक बाउंस हो गया। इसी मामले में आयोजक को कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी।
अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए अमीषा को कई बार समन भेजे। लेकिन कार्यवाही के दौरान उनकी लगातार गैरमौजूदगी के कारण अदालत ने उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए गैर जमानती वारंट जारी करने का फैसला किया।
अमीषा का पक्ष
अमीषा पटेल ने अपने Instagram स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए कहा कि यह बहुत पुराना मामला है जो कई साल पहले का है। उन्होंने दावा किया कि पवन वर्मा ने सेटलमेंट डीड पर साइन किए थे और पूरी तय राशि हासिल कर ली थी।
“मीडिया रिपोर्ट्स में पवन वर्मा द्वारा मुरादाबाद में कुछ कार्यवाही किए जाने का जिक्र है। मैं सभी को इंफॉर्म करना चाहती हूं कि यह बहुत पुराना मामला है जिसमें सेटलमेंट डीड साइन की गई थी और पूरी तय राशि हासिल की गई थी।” — अमीषा पटेल
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि सेटलमेंट के बावजूद झूठे आरोप लगाकर कार्यवाही शुरू की गई है। उनके वकील इस शख्स के झूठ को बेनकाब करने के लिए धोखाधड़ी की क्रिमिनल प्रोसिडिंग्स शुरू कर रहे हैं।
कानूनी पक्ष का रुख
अमीषा की कानूनी टीम का कहना है कि विवाद सालों पहले एक आधिकारिक समझौते के माध्यम से सुलझाया जा चुका है। बचाव पक्ष ने इस नई कार्यवाही को एक बंद मामले को फिर से उठाने की कोशिश बताया है। उनके वकीलों ने संकेत दिया है कि आरोपों का खंडन करने के लिए उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
अमीषा ने अपने नोट के अंत में कहा कि वह अपने काम पर ध्यान देना चाहती हैं और उन लोगों को नजरअंदाज करना चाहती हैं जो झूठे बहाने से ध्यान आकर्षित करने के लिए तमाशा खड़ा करते हैं। अब यह मामला अदालत में आगे बढ़ेगा जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क पेश करेंगे।





