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कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, DA में 13 फीसद वृद्धि, आदेश जारी, 5 महीने के एरियर्स का भी होगा भुगतान, मई से मिलेगा लाभ

Written by:Kashish Trivedi
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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केंद्रीय 5th Pay Commission कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी (DA Hike) की घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने अब अन्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। 5th CPCs वेतनमान का पालन करने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की गई है। इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक ऐसे कर्मचारियों के मूल वेतन के साथ डीए के 50 फीसद के विलय के लाभ की अनुमति नहीं दी गई है उन्हें DA बढ़ाकर 13 फीसद किया गया है। वहीं दूसरी तरफ ऐसे कर्मचारी जिनके मूल वेतन के साथ डीए के 50% के विलय के लाभ की अनुमति दी गई है, उनके डीए को बढ़ाकर 13 फीसद किया गया है।

अधोहस्ताक्षरी को इस विभाग के का.ज्ञा. दिनांक 24.10.1997 में सीडीए पैटर्न वेतनमान का पालन करने वाले सीपीएसई के कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ते की दरें, जो एचपीपीसी की सिफारिशों द्वारा शासित हैं, को संसोधित किया गया है। इस विभाग के दिनांक 24.08.2021 के समसंख्यक कार्यालय ज्ञापन के क्रम में, एचपीपीसी की सिफारिशों द्वारा शासित सीपीएसई के कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ते की दरें, जिन्होंने डीपीई के अनुसार अपने वेतनमान को संशोधित नहीं किया है को आदेश संख्या 2(54)/2008-डीपीई(डब्ल्यूसी) दिनांक 14.10.2008 निम्नानुसार हो सकता है: –

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उन सीपीएसई के मामले में जिन्होंने डीपीई के कार्यालय ज्ञापन में निहित मूल वेतन के साथ डीए के 50% के विलय के लाभ की अनुमति नहीं दी है। दिनांक 24.05.2005 को उनके कर्मचारियों को देय डीए देय 418% की मौजूदा दर को 01.01.2022 से 431 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।

उन सीपीएसई के मामले में जिन्होंने डीपीई के कार्यालय ज्ञापन में निहित मूल वेतन के साथ डीए के 50% के विलय के लाभ की अनुमति दी है। दिनांक 24.05.2005 को उनके कर्मचारियों को देय डीए देय 368% की मौजूदा दर को 01.01.2022 से बढ़ाकर 381% किया जा सकता है।

मंहगाई भत्ते के भुगतान में 50 पैसे और उससे अधिक के अंशों को अगले उच्चतर रुपये में पूर्णांकित किया जा सकता है और 50 पैसे से कम के अंशों की उपेक्षा की जा सकती है। भारत सरकार के सभी प्रशासनिक मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध है कि वे अपनी ओर से आवश्यक कार्रवाई के लिए पूर्वोक्त को अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के ध्यान में लाएं।

Kashish Trivedi
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