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TMC बागी सांसदों की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात, पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

Written by:Rishabh Namdev
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इस समय सभी की नजरें तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों पर हैं। दरअसल बीजेपी नेताओं के साथ बैठक के बाद बागी सांसदों का लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलना राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को लेकर लगातार नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। दरअसल पार्टी के कुछ बागी सांसदों की दिल्ली में सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। वहीं इसी क्रम में बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।

दरअसल दिल्ली में पहले बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर बागी सांसदों की बैठक हुई। वहीं इसके बाद सांसदों का लोकसभा स्पीकर के आवास पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी दे दें कि इससे पहले कीर्ति आजाद और सागरिका घोष भी स्पीकर से मिलने पहुंचे थे। बाद में अन्य बागी सांसद भी वहां पहुंचे।

TMC बागी सांसदों की बैठक

वहीं दिल्ली में हुई बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल बागी सांसदों की पहले बीजेपी नेताओं के साथ चर्चा और फिर लोकसभा स्पीकर से मुलाकात को लेकर अलग-अलग तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन बैठकों को लेकर आधिकारिक रूप से किसी बड़े फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की मौजूदगी भी चर्चा का हिस्सा रही है। वहीं इसी दौरान बागी सांसदों की तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें वे स्पीकर आवास पर मौजूद दिखाई दिए।

कानूनी नोटिस ने बढ़ाई हलचल

दरअसल तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक और मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। जानकारी के अनुसार बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस पाने वालों में पूर्व सीएम ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और सोनाली गुहा समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। दरअसल नोटिस में उन आरोपों का खंडन किया गया है जिनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जुड़े दावे किए गए थे। वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी विधानसभा सीट के लिए टिकट की मांग नहीं की थी और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। नोटिस में संबंधित नेताओं से सार्वजनिक रूप से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण और माफी की मांग भी की गई है।

Rishabh Namdev
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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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