पर्यटन सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं इसका सीधा असर शिमला की सड़कों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दरअसल शिमला पुलिस के अनुसार मई 2026 में शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों से करीब 8.5 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई थी। वहीं जून महीने में अब तक 3.8 लाख वाहन शिमला पहुंच चुके हैं।
वहीं शुक्रवार को अकेले शोगी बैरियर से करीब 23 हजार वाहन गुजरे, जिनमें लगभग 12 हजार वाहन दूसरे राज्यों के थे। शिमला के अलावा कुल्लू, मनाली, मंडी और धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वीकेंड के दौरान कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
पुलिस ने बढ़ाई तैनाती
दरअसल बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए शिमला पुलिस ने इस साल ट्रैफिक ड्यूटी में लगे पुलिस और होमगार्ड जवानों की संख्या 127 से बढ़ाकर 210 कर दी है। इसके अलावा समर फेस्टिवल के दौरान तैनात करीब 70 अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को भी शहर में बनाए रखा गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 सिविल वालंटियर्स और छात्र स्वयंसेवकों को भी शामिल किया गया है।
32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स तैनात किए गए
वहीं शहर के अलग-अलग हिस्सों में 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स तैनात किए गए हैं, जो किसी भी जाम या आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रहे हैं। बेहतर निगरानी के लिए पूरे शिमला शहर को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। पार्किंग स्थलों पर भी विशेष पुलिस तैनाती की गई है ताकि वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे और अनावश्यक जाम की स्थिति पैदा न हो।
सार्वजनिक परिवहन पर जोर
दरअसल पर्यटन सीजन के दौरान शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए पुलिस लगातार वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराने पर ध्यान दे रही है। कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर जाने वाले यात्रियों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग अपनाने की सलाह दी जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 800 वाहनों को इस मार्ग पर डायवर्ट किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए ट्रैवलर, अर्बेनिया और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों को कार्ट रोड पर चलाने की अनुमति दी गई है। वहीं खराब वाहनों की वजह से जाम की स्थिति न बने, इसके लिए अलग-अलग सेक्टरों में तीन क्रेन भी तैनात की गई हैं।






