उत्तर प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए काम की खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत जून 2026 माह के लिए आवंटित किए जा रहे मुफ्त राशन वितरण की अंतिम तिथि नजदीक है। उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के आदेशानुसार, पात्र लाभार्थी 15 जून 2026 तक सरकारी उचित दर की दुकानों (कोटेदारों) से अपना मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह तारीख 10 जून निर्धारित की गई थी।
इसके तहत अंत्योदय कार्डधारक को प्रति कार्ड कुल 35 किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल शामिल है। वहीं पात्र गृहस्थी कार्डधारक को प्रति यूनिट (सदस्य) 5 किलो राशन दिया जा रहा है। इसमें 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल का वितरण हो रहा है। राशन वितरण प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन का वितरण मुख्य रूप से ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के माध्यम से आधार ऑथेंटिकेशन (बायोमेट्रिक सत्यापन) के जरिए ही किया जाएगा। लेकिन, जिन बुजुर्गों, मजदूरों या अन्य लाभार्थियों के अंगूठे के निशान (फिंगरप्रिंट) मशीन से मैच नहीं हो रहे हैं, ऐसे कार्डधारकों के लिए मोबाइल ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। यह ओटीपी सुविधा भी विस्तारित अवधि यानी 15 जून तक पूरी तरह सक्रिय रहेगी।
ध्यान रहे मुफ्त राशन का लाभ केवल उन धारकों को मिलेगा जिन्होंने e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिन कार्डधारकों का केवाईसी लंबित है, वे इसे जल्द से जल्द पूरा करा लें। केवाईसी न होने की स्थिति में संबंधित यूनिट का नाम राशन कार्ड से काटा जा सकता है और कार्ड भी निलंबित हो सकता है। हालांकि निलंबित खाद्यान्न की स्थिति में e-KYC कराने के बाद अगले महीने से राशन मिलेगा।
राशन कार्डधारकों को पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी दी जा रही है। यदि कोई लाभार्थी या प्रवासी श्रमिक अपने मूल क्षेत्र से बाहर है, तो वह ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत अपनी तय दुकान के अलावा किसी भी दूसरी सरकारी राशन की दुकान पर जाकर अपने हिस्से का अनाज ले सकता है। खाद्यान्न वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लाभार्थी विभाग के टोल-फ्री नंबर 18001800150 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।






