मानसून की विदाई के बाद निम्न दाब के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश में फिर बारिश की स्थिति बन गई है। रविवार को खंडवा, गुना, महू और सीहोर समेत कई जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। इससे पहले शनिवार को भी कई जिलों में मौसम बदला रहा। सोमवार, 19 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल, सागर, भोपाल और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
इसमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह जिले शामिल है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। दोपहर के बाद ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर कलां, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और निवाड़ी में बिजली चमकने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, विजयादशमी, 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश तेज हवा चलने के साथ बारिश हो सकती है। 21 और 22 अक्टूबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 23 अक्टूबर के बाद मौसम साफ होने लगेगा। अक्टूबर अंत से रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और ठंड का असर भी तेज होने लगेगा।
21-22 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, निम्न दाब के क्षेत्र के आज, सोमवार को और अधिक मजबूत होने की संभावना है। उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ अब औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर है। मध्य क्षोभमंडल में औसत समुद्र तल से 3.8 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ रेखा भी मौजूद है।
इसके अलावा दक्षिणी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर औसत समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैला ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी सागर तक औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर फैली हुई है। इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर से नमी आ रही है, जिसके प्रभाव के कारण ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के जिलों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल 21-22 अक्टूबर तक मौसम का मिजाज यूहीं बना रहेगा।
इस साल कैसी हुई मानसून सीजन में बारिश
- इस बार मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन सक्रिय रहा। इस दौरान 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच (95.9%) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिलीमीटर ) होनी चाहिए थी।
- पूरे मानसूनी सीजन में प्रदेश में करीब 4% या 1.5 इंच बारिश कम हुई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा। निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
- 55 में से 25 जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जिनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले शामिल हैं। अन्य जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा।







