MP Weather Update : 6-7 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 3 और 4 अक्टूबर को इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आज शुक्रवार 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।यहां 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।दशहरे को नर्मदापुरम, दतिया, नरसिंहपुर , भोपाल, इंदौर, नौगांव (छतरपुर), सागर और टीकमगढ़ में बारिश हुई ।अबतक 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से वापसी संभव है।
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
- सिंगरौली, सीधी, रीवा और मऊगंज में अति भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
- सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, मंडला, डिंडोरी, मैहर, छिंदवाड़ा,अनूपपुर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट
- भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, इंदौर, देवास, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्की बारिश
वर्तमान में सक्रिय में है ये मौसम प्रणालियां
उत्तर-पूर्वी अरब सागर पर बना अवदाब (डिप्रेशन) दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़कर 20.8 उत्तर अक्षांश और 67.9 पूर्व देशांतर के पास उसी क्षेत्र में केंद्रित हो गया, जो पोरबंदर से लगभग 210 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, द्वारका से 210 किमी दक्षिण-पश्चिम, नलिया से 290 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम और कराची से 460 किमी दक्षिण में है। अगले 3 दिनों के दौरान इसके दक्षिण-पश्चिम की ओर उत्तर-पश्चिम अरब सागर की ओर बढ़ने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई के मध्य सक्रिय है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
मध्य प्रदेश : अबतक 12 जिलों से मानसून विदा
अबतक मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इसमें उज्जैन, राजगढ़,अशोकनगर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन शामिल हैं।हलांकि अन्य जिलों से फिलहाल मानसून की विदाई नहीं होगी। नया वेदर सिस्टम बनने से मानसून की वापसी के लिए परिस्थिति अनुकूल नहीं है।हालांकि 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदा ले लेगा। इस वर्ष मानसून ने प्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी।
Madhya Pradesh: 1 जून से 2 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है।
- एमपी में अब तक 45.77 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।
- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
MP Weather Forecast Till 6 October







