MP Weather Forecast : निम्न दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मध्य प्रदेश में अगले दो दिन तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर जारी रहेगा। अरब सागर से आ रही नमी के चलते सोमवार मंगलवार को इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है लेकिन भोपाल, ग्वालियर और सागर संभागों में मौसम शुष्क व साफ रहने का अनुमान है। 3-4 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसका असर 5 से 6 नवंबर से देखने को मिलेगा। इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर तेज होने लगेगा।।
सोमवार मंगलवार को इन जिलों में बादल बारिश का अलर्ट
- 48 घंटों के लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, सागर और जबलपुर संभाग के 30 से ज्यादा जिलों में बादल के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
- सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित पश्चिमी इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार है।
- नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में हल्की बारिश का दौर।
रविवार को कहां कैसा रहा मौसम
- तापमान में 1 से 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई शहरों में तापमान 30 डिग्री के पार पहुंचा।
- नर्मदापुरम में सबसे अधिक 31 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
- खंडवा में रात का न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
- भोपाल में पारा 31.1 डिग्री, इंदौर में 30.1, ग्वालियर में 31, उज्जैन में 30 और जबलपुर में 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
मध्य प्रदेश मौसन विभाग का पूर्वानुमान
- एक निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में बढ़कर उत्तर-पूर्व अरब सागर और उसके आस-पास के क्षेत्र में स्थित हो गया । इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊँचाई तक फैला हुआ है। इसके कमजोर होकर समाप्त होने की संभावना है। एक निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे म्यांमार तट पर बना रहा। इससे संबंधित चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊँचाई पर विस्तृत हो गया।
- इसके अगले 24 घंटों के दौरान म्यांमार-बांग्लादेश तटों के साथ-साथ उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।एक चक्रवातीय परिसंचरण विदर्भ और निकटवर्ती मराठवाड़ा क्षेत्र में माध्य समुद्र तल से लगभग 0.9 किमी की ऊँचाई पर स्थित है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 4 नवंबर से पश्चिम-हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी और दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। नवंबर के दूसरे हफ्ते से ठंड में तेजी आएगी। ज्यादा प्रभाव ग्वालियर चंबल में रहेगा।
Madhya Pradesh: 1 जून से अब तक कहां कितनी हुई वर्षा
- इस साल अक्टूबर में औसत से 121% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में औसत 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य मात्रा 1.3 इंच होती है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- गुना में सबसे ज्यादा 65.7 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।
- इंदौर संभाग में सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि उज्जैन में कोटा पूरा नहीं हो पाया । सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र संभाग में औसत से ज्यादा बारिश हुई।
- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
MP Weather Forecast Till 6 November







