सिंगरौली जिले के बैढ़न में शुक्रवार दोपहर जो हुआ, उसने कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। हथियारबंद 5 बदमाश दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में घुसते हैं, फायरिंग करते हैं, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाते हैं, मैनेजर को पीटते हैं और करीब 30 से 35 लाख रुपए लेकर आराम से फरार हो जाते हैं। सवाल सीधा है, क्या सिंगरौली में अब अपराधियों को खुली छूट मिल गई है?
दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ यह खौफनाक खेल पूरे 20 मिनट तक चलता रहा। बदमाशों ने बैंक के अंदर मौजूद हर शख्स पर बंदूक तान दी। चीख-पुकार के बीच लोग जान बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन बाहर न पुलिस पहुंची, न कोई सुरक्षा इंतजाम नजर आया।
मैनेजर ने रोका तो सिर फोड़ दिया, कैश लूटकर भागे
कैश की जानकारी मांगने पर मैनेजर ने जैसे ही आनाकानी की, बदमाशों ने बेरहमी दिखा दी। बंदूक की बट से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। इसके बाद बदमाश कैश की पेटी उठाकर फरार हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि घटना के वक्त बैंक में कोई गार्ड नहीं था। यानी सुरक्षा भगवान भरोसे थी। बदमाशों ने एक राउंड फायर कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी और सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी।
CCTV में कैद, फिर भी बेखौफ भागे आरोपी
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि तीन आरोपी बैंक से निकलकर एक ही बाइक पर सवार होकर फरार हो जाते हैं। चेहरों पर डर नहीं, बल्कि बेखौफ अंदाज मानो उन्हें पता हो कि रास्ते में कोई रोकने वाला नहीं।
SP मनीष खत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “घटना दोपहर करीब 1 बजे की है। 5 बदमाशों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया है। एक फायरिंग की पुष्टि हुई है। बैंक में गार्ड मौजूद नहीं था। करीब 14-15 लाख रुपए पहले से रखे थे, बाकी दिन का कलेक्शन था। कुल लूट का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है। पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।”
नाकेबंदी के दावे, लेकिन सवाल कायम
घटना के बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी की बात कही है और सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 20 मिनट तक बैंक के अंदर तांडव चलता रहा, तब सुरक्षा व्यवस्था कहां थी?
बढ़ता अपराध, प्रशासन मौन क्यों?
यह वारदात सिर्फ एक डकैती नहीं, बल्कि सिस्टम को खुली चुनौती है। दिनदहाड़े बैंक लूट और फायरिंग बताती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस चुनौती का जवाब देती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।







