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सिंगरौली : रात के अंधेरे में कोयले का खेल बेनकाब, 40 टन अवैध भंडारण, डंपर-जेसीबी जब्त, NCL की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Reported by:Raghvendra Singh Gaharwar|Edited by:Atul Saxena
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अब प्रशासन आरटीओ से वाहन मालिकों और जेसीबी स्वामी की जानकारी निकालकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी में है। जब्त कोयले और वाहनों पर खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सिंगरौली : रात के अंधेरे में कोयले का खेल बेनकाब, 40 टन अवैध भंडारण, डंपर-जेसीबी जब्त, NCL की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Singrauli Coal racket exposed

सिंगरौली जिले में NCL (Northern Coalfields Limited) की निगाही परियोजना के पास देर रात संयुक्त टीम की कार्रवाई में करीब 40 टन अवैध कोयले का भंडारण पकड़ा गया। रेलवे लाइन से महज 200 मीटर दूर चल रहे इस काले कारोबार के खुलासे ने न सिर्फ कोयला सिंडिकेट की सक्रियता उजागर की, बल्कि एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की सुरक्षा व्यवस्था को भी सीधे सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। मौके से डंपर क्रमांक CG/15/ED/7160 और एक जेसीबी जब्त की गई, जबकि चालक टीम को देखते ही अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

यह कार्रवाई कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर एसडीओपी मोरवा गौरव पांडेय एवं खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में की गई। जांच में सामने आया कि खदान क्षेत्र के बेहद करीब कोयले का अवैध भंडारण कर उसे परिवहन की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई में खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा, खनिज सर्वेयर सौरभ चौरसिया, थाना मोरवा पुलिस, होमगार्ड सैनिक शामिल रहे। जब्त वाहनों को सुरक्षार्थ मोरवा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है।

NCL की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में 

अब प्रशासन आरटीओ से वाहन मालिकों और जेसीबी स्वामी की जानकारी निकालकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी में है। जब्त कोयले और वाहनों पर खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल एनसीएल सिक्योरिटी पर है। खदान और रेलवे लाइन जैसे हाई सिक्योरिटी जोन के इतने करीब 40 टन कोयला यूं ही जमा नहीं हो सकता। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि सुरक्षा घेरे के भीतर या उसकी नाक के नीचे यह काला कारोबार लगातार संचालित हो रहा था।

सिंडिकेट को अंदरूनी संरक्षण मिलने की चर्चा 

अब चर्चा इस बात की है कि क्या सिक्योरिटी की चूक थी या फिर सिंडिकेट को अंदरूनी संरक्षण मिला हुआ था? जब हर एंट्री-एग्जिट पर सुरक्षा तैनात है, तो फिर कोयले का इतना बड़ा स्टॉक रातों-रात वहां कैसे पहुंचा?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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