मध्य प्रदेश में सितंबर अंत तक छुटपुट वर्षा का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, इसके बाद मानसून की विदाई शुरू होगी। फिलहाल अगले तीन दिन तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।खास करके दक्षिण पूर्वी हिस्से में इसका असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।बता दे कि अब तक औसत 42.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.9 इंच पानी ज्यादा गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है।
वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां
एमपी मौसम विभाग की मानें तो अगले 2 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों और पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। उत्तरी तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों वाला ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वी विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में देखा जा सकता है और यह औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊँचाई पर दक्षिण-पश्चिम की ओर विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्रों पर औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर स्थित है।
Madhya Pradesh: 1 जून से 15 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 20% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 23% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 42 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 110 प्रतिशत है। अब तक 35.2 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 में से 5 जिले खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर और बड़वानी में 27 इंच पानी भी नहीं गिरा है। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है।
- भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
MP Weather Forecast Till 18 September







