गुजरात के पंचमहाल जिले में स्थित तीर्थ स्थल पावागढ़ से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, यहां की पहाड़ियों पर शुक्रवार सुबह एक खतरनाक हादसा देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से पहाड़ी पर हुए भूस्खलन हो गया। जिसकी चपेट में कई श्रद्धालु आ गए।
अचानक हुए इस भूस्खलन की वजह से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नीचे गिर गया। जिसकी वजह से श्रद्धालु दब गए। प्रशासन द्वारा मौके पर युद्ध स्तर पर बचाव अभियान जारी है। अब तक दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों और आने वाले भक्तों में भय और शोक का माहौल देखने को मिल रहा है।
पावागढ़ में हुआ हादसा
यह हादसा सुबह करीब 5 बजे का बताया जा रहा है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ रहे थे। यहां रास्ते में आने वाले पाटियापुल के पास अचानक बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी नीचे गिरने लगे और देखते ही देखते भूस्खलन हो गया। लगातार हो रही बारिश की वजह से मिट्टी गीली और ढीली हो गई थी। जिसकी वजह से पत्थरों की रफ्तार बहुत तेज थी और यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिल पाया और वो हादसे की चपेट में आ गए।
Panchmahal, Gujarat: Two people were died after rocks fell near the Patiya bridge area of the Pavagadh pilgrimage site in Panchmahal district during heavy rainfall, officials said.
According to local authorities, more than four people were trapped when stones fell on a staircase… pic.twitter.com/2l7LktkaEx
— IANS (@ians_india) June 19, 2026
मलबे में दबे हो सकते हैं लोग
पहाड़ों से गिरे भारी पत्थरों की चपेट में कई श्रद्धालु आ गए हैं। प्रशासन द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है। यह आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं। जो लोग हादसे में घायल हुए हैं, उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती किया गया है।
जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
जैसे ही घटना की सूचना मिली मौके पर स्थानीय प्रशासन, पावागढ़ पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम पहुंची। स्थिति को संभालते हुए तुरंत ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए रोप वे की टेक्निकल टीम को भी राहत के काम में लगाया गया है। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की लगातार कोशिश हो रही है।
जारी की गई चेतावनी
भारी बारिश की वजह से पहाड़ियों पर भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। यही वजह है कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से श्रद्धालुओं से ये अपील की है कि तेज बारिश के दौरान पहाड़ी पर ना चढ़े। सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जो निर्देश दिए गए हैं उनका सख्ती से पालन करें। इस हादसे के बाद पूरे इलाके की सुरक्षा एजेंसी अलर्ट मोड पर आ गई है।






