गुजरात वाहन स्क्रैपिंग में टॉप-5 राज्यों में, अब तक 15 हजार से ज्यादा गाड़ियां स्क्रैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वाहन स्क्रैप नीति लागू की थी। इस नीति के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट का प्रावधान किया गया है।
Nitin Gadkari says Petitions against government in court are necessary discipline administration

Nitin Gadkari says Petitions against government in court are necessary discipline administration

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वाहन स्क्रैप नीति लागू की थी। इस नीति के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, गुजरात वाहन स्क्रैपिंग में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। अब तक गुजरात में 15,448 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान भी इस सूची में शामिल हैं।

गुजरात वाहन स्क्रैपिंग में टॉप-5 राज्यों में

नितिन गडकरी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान यह जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त 2025 तक देशभर में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (आरवीएसएफ) के माध्यम से 2,76,990 वाहन स्क्रैप किए गए। नीति के तहत गैर-परिवहन वाहनों को स्क्रैप करने पर नए वाहन की खरीद पर 25 प्रतिशत तक और परिवहन वाहनों के नए पंजीकरण पर 15 प्रतिशत तक सड़क कर में छूट मिलती है। इसके लिए वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग के बाद जारी किए गए सर्टिफिकेट ऑफ डिपोजिशन (सीओडी) को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

वाहन स्क्रैप होने पर मालिक को सीओडी प्रदान किया जाता है और उसके बाद उस वाहन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है और वाहन मालिक ई-वाहन पोर्टल पर इसे देख और उपयोग कर सकते हैं। स्क्रैप का मूल्य वाहन के वजन के आधार पर तय किया जाता है और भुगतान उस समय की स्टील दरों के हिसाब से किया जाता है। इससे वाहन मालिक को आर्थिक लाभ भी मिलता है।

नीति के नियमों के अनुसार, नया वाहन खरीदने के लिए स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। पीएम मोदी ने इस नीति को लॉन्च करते समय इसे देश के विकास और हरित ऊर्जा अभियान के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया था। सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, पुरानी गाड़ियों को हटाकर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews