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लापरवाही और मनमानी पड़ी भारी, शासन ने गुना जिले के DEO को निलंबित किया, विभागीय जाँच के भी आदेश

Written by:Atul Saxena
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सरकार अपने अधिकारी कर्मचारी से अपेक्षा करती है कि वे शासन के आदेशों और नियमों का पालन करें, अपने अधीनस्थों के साथ अच्छा व्यव्हार करें लेकिन कुछ अशासकीय सेवक ऐसा नहीं करते और दंड के भागी बनते हैं । 
लापरवाही और मनमानी पड़ी भारी, शासन ने गुना जिले के DEO को निलंबित किया, विभागीय जाँच के भी आदेश

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DEO suspended :  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के स्पष्ट निर्देश हैं कि शासकीय कार्य में लापरवाही और अनियमितता बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी, बावजूद इसके कुछ शासकीय अधिकारी कर्मचारी इसे आदेश की परवाह नहीं करते उन्हें सरकार के एक्शन की भी चिंता नहीं रहती ऐसे ही एक लापरवाह अधिकारी पर शासन के कार्रवाई की है।

मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने लापरवाही और अनियमितता के आरोपी गुना जिले के जिला शिक्षा अधिकारी चंद्र शेखर सिसौदिया को निलंबित कर दिया है, शासन ने कलेक्टर की अनुशंसा पर ये एक्शन लिया है, निलंबन अवधि तक डीईओ सिसोदिया को संयुक्त संचालक कार्यालय ग्वालियर में कार्य करना होगा।

मनमानी करने, लापरवाही और अनियमितता के आरोप 

दरअसल गुना जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर सिसोदिया लापरवाही करने, कई तरह की अनियमितता करने और मनमाने ढंग से ट्रांसफर करने के आरोप थे, इसकी शिकायत कलेक्टर के पास भी पहुंची, कलेक्टर ने इसके लिए एक जाँच समिति गठित की, जाँच समिति ने आरोपों को सही पाया।

शासन ने किया निलंबित, DE के भी आदेश दिए 

जाँच समिति की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने शासन को पत्र लिखकर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी चंद्र शेखर सिसोदिया पर एक्शन लेने की अनुशंसा की जिसपर शासन ने DEO सिसोदिया को निलंबित कर दिया साथ ही विभागीय जाँच (DE) का देश भी दे दिया, आदेश में कह अगया है कि निलंबन अवधि में सिसोदिया का मुख्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय ग्वालियर रहेगा ।

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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