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ग्वालियर खाद्य विभाग का एक्शन, 1750 किलोग्राम चावल जब्त, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का होने का संदेह

Written by:Atul Saxena
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निरीक्षण के दौरान जय बालाजी ट्रेडर्स प्रोपराइटर अशोक त्यागी के गोदाम में 35 बोरियों में 1750 किलोग्राम संदिग्ध चावल का भण्डारण मिला।
ग्वालियर खाद्य विभाग का एक्शन, 1750 किलोग्राम चावल जब्त, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का होने का संदेह

Gwalior Food Department’s action: ग्वालियर खाद्य विभाग की टीम ने बड़ा एक्शन लिया है, खाद्य अधिकारियों ने एक गोदाम पर छापा मार कार्यवाही करते हुए बड़ी मात्रा में चावल जब्त किया है, अधिकारियों को शक है कि ये  चावल सार्वजानिक वितरण प्रणाली  का हो सकता है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन होने के संदेह में खाद्य विभाग की टीम ने 35 बोरियों में लगभग 1750 किलोग्राम चावल जब्त किया है। जब्त चावल के नमूने जाँच के लिए लिये गए हैं और यह चावल एक उचित मूल्य की दुकान की सुपुर्दगी में दिया गया है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण बनाया गया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर गई खाद्य विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की है।

गोदाम में मिला 35 बोरियों में 1750 किलोग्राम संदिग्ध चावल का भण्डारण

जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल को अवैध रूप से भण्डारित करने की सूचना मिलने पर गुरुवार को नारायण विहार मंडी परिसर के आसपास खाद्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जय बालाजी ट्रेडर्स प्रोपराइटर अशोक त्यागी के गोदाम में 35 बोरियों में 1750 किलोग्राम संदिग्ध चावल का भण्डारण मिला।

व्यापारी के पास नहीं मिले चावल से संबंधित कोई दस्तावेज 

व्यापारी द्वारा चावल के भण्डारण संबंधी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का चावल होने के संदेह में बालाजी ट्रेडर्स के गोदाम में मिला यह चावल जब्त कर लिया गया है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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