ग्वालियर के वरिष्ठ सीए अशोक विजयवर्गीय के साथ निवेश के नाम पर हुई 21.5 करोड़ रुपये की प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मामले में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं, राज्य साइबर सेल की जाँच में देश के सबसे बड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अब तक की जाँच में सामने आया है कि ठगों ने 20507 म्यूल खातों में इस राशि को ट्रांसफर किया है, पुलिस को इस ठगी में देश के कई राज्यों के साथ साथ विदेशी कनेक्शन भी मिला है।
ज्यादा मुनाफे के लालच में 21.5 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का शिकार हुए चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उन्होंने दिसंबर 2025 स एलेकर जुलाई 2026 तक 7 महीनों में ऑनलाइन ट्रेडिंग करते हुए कई बैंक खातों में ट्रांजिक्शन किये हैं, उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई है, 10 जुलाई को शिकायत मिलते ही पुलिस ने एक्शन लेते हुए 2 करोड़ रुपये होल्ड करा लिए, यानि अशोक विजयवर्गीय के 2 करोड़ रुपये साइबर ठग ट्रांसफर कर पाते उससे पहले ही उन्हें बचा लिया गया।
देश के राज्यों में फैला नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन भी
राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर के प्रभारी संजीव नयन शर्मा के मुताबिक जालसाजों ने ठगी की रकम को देशभर के 20,507 बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपा दिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि ठगों ने तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित लगभग हर राज्य में म्यूल अकाउंट्स का नेटवर्क तैयार कर रखा था। इनका नेटवर्क विदेशों में भी होना पाया गया है, डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि ठगों ने ठगी की रकम को करंट एकाउंट के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जो म्यूल खाते थे। जांच में अब तक 12 लेयर सामने आ चुकी है और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।
20,000 से अधिक म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई राशि
उन्होंने जानकारी दी कि पहली लेयर में 77 खाते, दूसरी लेयर में 700 खाते, तीसरी लेयर में 12,720 खाते और चौथी लेयर में 7,218 खाते में राशि ट्रांसफर की गई है यानि अब तक कुल चिन्हित म्यूल खातों की संख्या करीब 20,000 से अधिक है जिसमें 21.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं, उन्होंने कहा कि अभी और लेयर सामने आयेंगी पुलिस बारीकी से तकनीकी मदद से इसकी जाँच कर रही है।
दिव्या सिंह नामक युवती की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही
संजीव नयन शर्मा ने कहा इस पूरे मामले में दिव्या सिंह नामक युवती की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, उसने पहले अशोक विजयवर्गीय से दोस्ती कर उनका विश्वास जीता, और फिर यूएसडीटी तथा बीटीसी में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया, शुरुआत में उन्हें मुनाफा हुआ जिसे देखकर वो लगातार पैसा लगाते देकर उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसा दिया, पुलिस जाँच में सामने आया है कि महिला का नाम भी असली नहीं है।






