ट्रेड यूनियनों ने मनाया चेतावनी दिवस, श्रम विरोधी नीतियों का जलाया पुतला

ट्रेड यूनियनों ने मनाया चेतावनी दिवस, श्रम विरोधी नीतियों का जलाया पुतला

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा आपदा का फायदा उठाते हुए श्रम कानूनों में किए गए सभी परिवर्तनों के खिलाफ देश की 11 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रुप से चेतावनी दिवस मनाते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन किए। इस अवसर पर ग्वालियर में ट्रेड यूनियनों इंटक, एटक, सीटू और एआईटीयूसी ने फूलबाग चौराहे पर विरोध प्रदर्शन कर केंद्र की श्रम विरोधी नीतियों का पुतला जलाया

हाथों में केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ लिखे नारों के साथ प्रदर्शन करते हुए ट्रेड यूनियनों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव एमके जयसवाल, एटक से हरिशंकर माहौर ने एवं एआईटीयूसी के राज्य सचिव सुनील गोपाल ने अपनी बात रखी। इंटक से जिला अध्यक्ष रती राम यादव ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। इस मौके पर तमिलनाडु के नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन लिमिटेड में बॉयलर ब्लास्ट में जान गंवाने वाले कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रदर्शन में 2 मिनट का मौन रखा गया ।
अंत में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने श्रम विरोधी नीतियों के पुतले को अग्नि देकर इसका दहन किया । कार्यक्रम का संचालन एआईटीयूसी के जिला प्रभारी रूपेश जैन ने किया। प्रदर्शन में सीटू के अखिलेश यादव, कमलेश शर्मा, देवेंद्र शर्म, एआईटीयूसी के ओंकार चौधरी, लालू पाल, प्रदीप माहौर, इंटक के धनीराम खोईया एवं बड़ी संख्या में सभी ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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