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एडवोकेट अनिल मिश्रा मामला: हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच अब सोमवार को करेगी सुनवाई, वकील ने पुलिस और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Written by:Atul Saxena
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आरोप लगाते हुए एडवोकेट पवन पाठक ने कहा कि जो फरियादी है उसके खिलाफ स्थाई वारंट है और फरार है पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही बल्कि वो एफ आई आर करा रहा है ये कानून का उल्लंघन है।
एडवोकेट अनिल मिश्रा मामला: हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच अब सोमवार को करेगी सुनवाई, वकील ने पुलिस और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Advocate Anil Mishra case Gwalior

ग्वालियर हाई कोर्ट ने एडवोकेट अनिल मिश्रा मामले की सुनवाई करते हुए इसे कल तक के लिए टाल दिया, हाई कोर्ट की स्पेशल डीबी अब सोमवार को सुनवाई करेगी, उधर मिश्रा के वकील ने इस मामले में ग्वालियर पुलिस और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा कि फरियादी के खिलाफ स्थाई वारंट है और फरार है और पुलिस उसे बचा रही है।

अनिल मिश्रा मामले की सुनवाई अब सोमवार को होगी 

ग्वालियर हाईकोर्ट में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा विवाद के बाद चर्चा में आये एडवोकेट अनिल मिश्रा और उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने कल शनिवार को सुनवाई करते हुए आज रविवार के लिए निर्धारित कर दिया था और आज इस मामले की सुनवाई के बाद इसके लिए कल सोमवार का दिन निश्चित किया है।

मिश्रा के वकील ने कहा फरियादी फरार स्थाई वारंटी

अनिल मिश्रा के वकील पवन पाठक ने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट में फरियादी को नोटिस देना जरूरी होता है लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया, आरोप लगाते हुए एडवोकेट पवन पाठक ने कहा कि जो फरियादी है उसके खिलाफ स्थाई वारंट है और फरार है पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही बल्कि वो एफ आई आर करा रहा है ये कानून का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और मध्य प्रदेश सरकार अनिल मिश्रा से डरती है, वो चाहते हैं कि अनिल मिश्रा जेल में है रहे।

पुलिस और सरकार पर लगाये गंभीर आरोप 

अनिल मिश्रा के वकील ग्वालियर बार एसोसियेशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने कहा कि ग्वालियर पुलिस भीम आर्मी का सपोर्ट कर रही है लेकिन कानून पर हमें पूरा भरोसा है, उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस को हर हाल में फरियादी तक नोटिस सर्व करना होगा, उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि मंगलवार को अनिल मिश्रा और उनके साथी जेल से रिहा होंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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