टॉयलेट करने पर टोका तो बदमाशों ने फायरिंग कर फैलाई दहशत, मामला दर्ज

टॉयलेट करने पर टोका तो बदमाशों ने फायरिंग कर फैलाई दहशत, मामला दर्ज

ग्वालियर।अतुल सक्सेना। शहरी बदमाशों में पुलिस का भय बिल्कुल खत्म हो गया है। इसका ताजा उदाहरण जनकगंज थाना क्षेत्र में उस समय देखने को मिला जब टॉयलेट करने से रोकने पर युवक ने अपने साथियों के साथ कट्टे से हवाई फायर कर दिये। फायरिंग करने वाले बदमाशों में एक हिस्ट्री शीटर भी शामिल है । पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई जिसे बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।

जनकगंज थाना क्षेत्र के संजय नगर में रहने वाले शिक्षक सुखलाल जाटव के घर के पास रहने वाला युवक मोतीलाल उनके दरवाजे के पास टॉयलेट कर रहा था। जब इसका विरोध सुखलाल के बेटे सत्यप्रकाश ने किया तो मोतीलाल विवाद करने लगा। लेकिन उस समय आसपास के रहने वाले लोगों ने समझा-बुझाकर मामले को शांत करा दिया था । लेकिन घटना के दो दिन बाद शुक्रवार की रात मोतीलाल अपने साथियों राहुल जाट,आकाश जाटव और गोलू पांडे के साथ उनके घर जा पहुँच गया और उनके दरवाजे पर बाइक खड़ी कर गालियां देते हुए कट्टे को लहराकर हवा में फायरिंग कर दी बदमाशों ने सत्यप्रकाश के परिवार को धमकाते हुए कई फायर किए। अचानक हुई फायरिंग से क्षेत्र में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों में छिप गए। फायरिंग की सूचना मिलते जनकगंज थानापुलिस मौके पर पहुँच गई लेकिन तब तक बदमाश अपनी गाड़ियों से भाग निकले। पुलिस ने दरवाजे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया तो उसमें पुलिस को बदमाशों की हरकत दिख गई जिस पर पुलिस ने चारों बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। खास बात ये है कि गोली चलाने वालों में शामिल गोलू पांडे हिस्ट्री शीटर है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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