प्रेमी के कमरे में मिला प्रेमिका का शव, हत्या की आशंका, आरोपी हिरासत में

Bhopal- Elderly woman dies of hunger

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवती का शव (Deadbody) संदिग्ध अवस्था में बरामद किया है। पुलिस को आत्महत्या की सूचना मिली थी, मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच  बाद शव को पीएम हॉउस भिजवा दिया है। पुलिस (Gwalior Police) ने युवती के प्रेमी को हिरासत में ले लिया है।

ग्वालियर पुलिस को नदी पार टाल पर रहने वाले एक युवक ने बीती रात पुलिस को उसके कमरे में उसकी महिला मित्र द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थाप पर पहुंची।  वहां पंखे पर साड़ी लटकी थी और युवती का शव जमीन पर पड़ा था।

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पुलिस ने एफएसएल टीम  बुलाकर पड़ताल की तो मामला संदिग्ध लगा , बिस्तर बिखरे थे , युवती के गले पर निशान ,  पुलिस ने शुरूआती जाँच पड़ताल के बाद आरोपी प्रेमी को हिरासत में ले लिया है।  टीआई पंकज त्यागी ने बताया कि मृतका इलाहाबाद की रहने वाली थी, यहाँ एक कॉलेज से नर्सिंग का कोर्स कर रही थी।

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उन्होंने बताया कि मृतका युवती रुद्राक्ष हॉस्पिटल के एक कर्मचारी के संपर्क में थी, दोनों का मिलना जुलना था और उसकी युवक के कमरे पर उसका शव मिला है, बताया जा रहा है कि दोनों दोनों प्रेमी प्रेमिका थे। युवती कंपू क्षेत्र में किराये से रहती थी लेकिन अक्सर नदी पार टाल पर रहने वाले अपने प्रेमी से मिलने जाती थी।

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सम्भावना जताई जा रही है कि कल रात भी युवती अपने प्रेमी के पास आई थी, कमरे के हालात बता रहे कि उनके बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ होगा। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।  घटना संदिग्ध है लेकिन गला दबाकर हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि युवक व्यापम मामले में भी आरोपी रह चुका है। फिलहाल पुलिस को पीएम रिपोर्ट का इंतजार है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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