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बच्चों को नहीं बाँटा पोषण स्वल्पाहार, कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को दिया नोटिस

Written by:Atul Saxena
Published:
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने मुरार स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया, यहाँ लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने समूह अध्यक्ष सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक व सहायिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया। 
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बच्चों को नहीं बाँटा पोषण स्वल्पाहार, कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को दिया नोटिस

Gwalior Collector Ruchika Chauhan inspects Anganwadi

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने मंगलवार को सुबह मुरार क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्र गेरूवाला बंगला का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केन्द्र पर अव्यवस्थायें पाए जाने पर स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष, संविदा पर्यवेक्षक सेक्टर क्रमांक-3 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिका को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर चौहान ने आज सुबह अचानक आंगनबाड़ी केन्द्र गेरूवाला बंगला मुरार पहुँची। उन्होंने केन्द्र का निरीक्षण किया, इस दौरान उन्हें केन्द्र पर पोषण स्वल्पाहार प्रदान नहीं किया जाना मिला। जिसपर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए।

स्व-सहायता समूह अध्यक्ष,सचिव को नोटिस, 10 हजार रुपये जुर्माना 

कलेक्टर चौहान ने राधेश्याम स्व-सहायता समूह पीएण्डटी कॉलोनी के अध्यक्ष / सचिव को नोटिस जारी कर आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों को स्वल्पाहार न पहुँचाने के कारण 10 हजार रुपए अर्थदण्ड लगाते हुए नोटिस जारी किया है। इनसे तीन दिन  के अंदर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।

पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को नोटिस 

इसके साथ ही संविदा पर्यवेक्षक चंद्रकला राजपूत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शीला दीक्षित एवं आंगनबाड़ी सहायिका मीना सविता को अपने पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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