सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के बलियारी इलाके में रेड नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में गुरुवार तड़के संयुक्त टीम ने दबिश दी। खनिज विभाग, राजस्व और पुलिस की कार्रवाई में रेत से भरा डंपर जब्त किया गया, लेकिन अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। डंपर से बुरहानपुर जिले की ट्रांजिट परमिट (टीपी) मिलने पर अवैध रेत कारोबार के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बुधवार को सामने आए वीडियो के बाद कार्रवाई की गई। वीडियो में रेड नदी से खुलेआम रेत लोड करते एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और 35 से 40 मजदूर दिखाई दे रहे थे। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे टीम नदी क्षेत्र में पहुंची तो रेत लोडिंग के प्रमाण मिले, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही चालक वाहन लेकर निकल गए।
917 किलोमीटर दूर बुरहानपुर के ट्राजिंट परमिट पर रेत परिवहन
डंपर की तलाशी में बुरहानपुर जिले से जारी टीपी मिली। बुरहानपुर और सिंगरौली के बीच करीब 917 किलोमीटर की दूरी है। सवाल यह है कि जब सिंगरौली जिले में 42 स्वीकृत रेत खदानें हैं, तो इतनी दूर के जिले की टीपी यहां मिले डंपर में कैसे पहुंची? क्या बाहरी जिले की टीपी के जरिए स्थानीय नदी से निकाली जा रही रेत को वैध दिखाने का खेल चल रहा था?
शासन की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल
मामले ने ट्रांजिट परमिट व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि डंपर, टीपी और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही रेत के स्रोत, वाहन संचालक और इस पूरे मामले से जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।








