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प्रतिबंध के बावजूद दौड़ते रहे कोयला लदे वाहन, कलेक्टर ने अडानी समेत 6 कंपनियों पर FIR के आदेश दिए

Reported by:Raghvendra Singh Gaharwar|Edited by:Atul Saxena
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23 मई को सुबह लगभग 9 बजे चार कोयला लदे वाहनों को सरई, झुरही और उज्जैनी मार्ग से ग्राम मझौली स्थित रेलवे साइडिंग की ओर जाते समय पकड़े गए जांच में सामने आया कि ये वाहन प्रतिबंध के बावजूद करीब 60 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे और लगभग दो घंटे तक परिवहन कार्य में लगे रहे।

सिंगरौली जिले में कोयला परिवहन पर लगाए गए प्रशासनिक प्रतिबंध की खुलेआम अवहेलना करने के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रतिबंधित अवधि के दौरान कोयला परिवहन किए जाने पर एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड तथा सृष्टि लॉजिस्टिक्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट भी निरस्त किए जाएंगे।

जानकारी के अनुसार, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा 22 मई 2026 को आदेश जारी कर 23 मई सुबह 6 बजे से 24 मई दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से कोयला एवं फ्लाई ऐश के परिवहन पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद प्रतिबंधित अवधि में कई कोयला लदे वाहन सरई और बरगवां क्षेत्र में संचालित होते पाए गए।

तहसीलदार की जाँच में कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन मिला 

तहसीलदार बरगवां की जांच रिपोर्ट के मुताबिक 23 मई को सुबह लगभग 9 बजे चार कोयला लदे वाहनों को सरई, झुरही और उज्जैनी मार्ग से ग्राम मझौली स्थित रेलवे साइडिंग की ओर जाते समय पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ये वाहन प्रतिबंध के बावजूद करीब 60 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे और लगभग दो घंटे तक परिवहन कार्य में लगे रहे।

नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एक्शन 

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित परियोजनाओं और परिवहनकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदेश उल्लंघन को कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में नियमों के उल्लंघन पर बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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