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सिंगरौली में सिलेंडर फटा, चाय-समोसे की दुकान से शुरू हुई लपटें, छह दुकानें जलकर खाक, लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान

Reported by:Raghvendra Singh Gaharwar|Edited by:Atul Saxena
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब 45 मिनट बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक पांच से छह दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं।
सिंगरौली में सिलेंडर फटा, चाय-समोसे की दुकान से शुरू हुई लपटें, छह दुकानें जलकर खाक, लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान

Cylinder explodes in Singrauli six shops burnt

सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के बाजार इलाके में गुरुवार सुबह गैस सिलेंडर फटने से आग लग गई। आग की चपेट में आकर छह गुमटियां जलकर खाक हो गईं। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।

जानकारी के मुताबिक, बाजार में संचालित एक चाय-समोसे की गुमटी में रखा गैस सिलेंडर अचानक फट गया। धमाके के बाद दुकान में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग तेजी से फैलने के कारण कुल छह गुमटियों में रखा सामान जल गया।

आग लगते ही मची अफरा-तफरी

घटना के बाद बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग और दुकानदार आग बुझाने के लिए मौके पर जुट गए। लोगों ने पानी और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। साथ ही दुकानों में रखा सामान सुरक्षित निकालने का प्रयास भी किया गया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण ज्यादा सामान नहीं बचाया जा सका।

दमकल पहुंचने तक बढ़ चुका था नुकसान

घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग एक्शन में आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब 45 मिनट बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक पांच से छह दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं। दमकल कर्मियों ने पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और आग को आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोक लिया।

नुकसान का आकलन शुरू

जियावन एसडीओपी गायत्री तिवारी ने बताया कि दमकल टीम ने आग पर काबू पा लिया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह सिलेंडर ब्लास्ट सामने आई है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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