Hindi News

संदिग्ध हालत में मिला आरक्षक का शव, शरीर पर चोट का निशान, परिजनों में जताई हत्या की आशंका

Written by:Atul Saxena
Published:
वर्दी में सिपाही की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन से लापता आरक्षक की लाश लोहा मंडी में कैसे पहुंची। यह जांच का विषय है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
Google पर MP Breaking को चुनें
संदिग्ध हालत में मिला आरक्षक का शव, शरीर पर चोट का निशान, परिजनों में जताई हत्या की आशंका

Police Constable posted in Gwalior Dead body found under suspicious circumstances

ग्वालियर की डीआरपी लाइन में पदस्थ आरक्षक का शव संदिग्ध हालत में मिलने से सनसनी फ़ैल गई, मृतक वर्दी पहने हुआ था, मृतक की पहचान अंकित सिंह तोमर के रूप में हुई है, उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है।

ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी में पुलिस की वर्दी में एक सिपाही की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कम्पू थाना पुलिस मौके पर पहुंची, फोरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंचे, शव की पड़ताल में पैरों में चोट के निशान मिले हैं, मृतक आरक्षक ग्वालियर पुलिस लाइन में पदस्थ था उसके परिजन भी घटना स्थल पर पहुंचे।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका 

परिजनों ने बताया कि अंकित पुलिस की डाक लेकर अंबाह गया था उसके बाद उस्क्सी कोई खबर नहीं मिली, आज उसके शव की सूचना पुलिस ने दी , परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी ने उसकी हत्या की है उसके साथ मारपीट की है।

शरीर पर चोट के निशान, शराब पीने की लत थी 

कम्पू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने मीडिया को बताया कि 2018 में अंकित सिंह तोमर की अनुकंपा नियुक्ति हुई थी वो दो दिन पहले डाक ड्यूटी पर अम्बाह गया था उसके बाद से उसकी कोई सूचना नहीं थी, वो यहाँ अकेला रहता था उसकी शादी नहीं हुई थी, टी आई ने बताया कि उसे शराब पीने की भी आदत थी, पुलिस शव का पोस्ट मार्टम करा रही है पीएम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews