अपनी मांगों के समर्थन में 25 मई से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे NHM के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अब 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है, चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज कलेक्टर को इस आशय का एक ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें राज्य सरकार पर अपने ही वादों को पूरा नहीं करने और विभाग द्वारा की जा रही मनमानी की शिकायत की गई है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश की ग्वालियर इकाई ने आज शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, ज्ञापन में प्रमुख रूप से 8 मांगों का जिक्र था जिसमें सबसे बड़ी मांग थी पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा 30 जनवरी 2026 को दशहरा मैदान टीटी नगर भोपाल में की गई घोषणाओं को पूरा करना, जिअप्र विभाग ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है।
जिला अध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला ने मीडिया को बताया कि 23 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक संविदा नीति बनाई थी जिसे सामान्य प्रशासन विभाग ने मंजूर किया और जो मध्य प्रदेश में क्लार्य्रत सभी विभागों के संविदाकर्मियों के लिएय लागू होती है लेकिन हमें इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा।
NHM ने मेडिकल और ईएल जैसी सुविधाएँ छीन ली
जिला अध्यक्ष ने बताया कि एनएचएम से हमें जो पहले हमें मेडिकल, ईएल की सुविधा मिलती थी वो इस नीति के लागू होने के बाद छीन लिए गए इसके अलावा जिस अप्रेजल व्यवस्था को लंबे संघर्ष के बाद बंद कराया था उसे वापस लागू कर दिया गया, यानि हमारा वार्षिक कार्य मूल्यांकन किया जायेगा, जो अनुचित है संगठन की मांग है कि जैसे नियमित कर्मचारियों की सी आर भवाई जाती है वो संविदा कर्मचारियों की भी भरवाई जाये।
संविदाकर्मियों को सीएम डॉ मोहन यादव ने हनुमान कहा था
जिला अध्यक्ष ने कहा सरकार काम हमसे नियमित कर्मचारियों की तरह लेती हिया लेकिन उनसे कम वेतन देती है और सुविधाएँ भी कम देती है ऊपर से इस तरह के नियम हमें परेशान करने के लिए बने जाते हैं, उन्होंने कहा जनवरी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हम संविदा कर्मियों को सरकार का हनुमान कहा था और घोषणा की थी कि जिनको 10 साल पूरे हो गए उन्हें नियमित किया जाये लेकिन कुछ नहीं हुआ।
2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा
उन्होंने कहा कि सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर विभाग अमल नहीं कर रहा इस्लिएय 2 जून से एन एच एम के तहत काम करने वाले प्रदेश के 32 हजार संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे जो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी उसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।






