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अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप: भारतीय पहलवानों का दमदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ, WFI अध्यक्ष को भी दी बधाई

Written by:Shyam Dwivedi
Last Updated:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। टीमों ने कुल 27 पदक जीतकर इतिहास रचा।
अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप: भारतीय पहलवानों का दमदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ, WFI अध्यक्ष को भी दी बधाई

वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। इस शानदार उपलब्धि पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय पहलवानों की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पुरुष और महिला पहलवानों को इस ऐतिहासिक जीत के लिए हार्दिक बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने भारतीय दल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में हमारे पहलवानों ने असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पुरुषों की फ्रीस्टाइल और महिलाओं की कुश्ती टीमों ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में टीम खिताब जीते, जिससे देश का मान बढ़ा है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में विस्तार से बताया कि पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम ने कुल नौ पदक हासिल किए, जिनमें चार स्वर्ण पदक शामिल थे। यह उपलब्धि अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में भारत द्वारा जीते गए अब तक के सबसे अधिक कुल पदकों का एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह, महिला कुश्ती टीम ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दस पदक अपने नाम किए, जिनमें छह स्वर्ण पदक शामिल थे। ग्रीको-रोमन टीम ने भी पीछे नहीं रहते हुए आठ पदकों के साथ अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड बनाया। प्रधानमंत्री ने सभी पदक विजेता पहलवानों को बधाई दी और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

पीएम मोदी ने WFI अध्यक्ष को भी दी बधाई

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने भी भारतीय पहलवानों की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप की ट्रॉफी जीतना भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ी कामयाबी है और यह पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। संजय सिंह ने फ्रीस्टाइल पहलवानों की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे शीर्ष कुश्ती देशों से आगे रहने के लिए जबरदस्त इरादा और तकनीकी बेहतरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीनों स्टाइल में, हमारे एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक जीत को संभव बनाने के लिए सभी पदक विजेताओं, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को दिल से बधाई दी।

अंडर-23 चैंपियनशिप में भारत ने जीते कुल 27 पदक

अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रदर्शन वास्तव में यादगार रहा। टीम ने फ्रीस्टाइल कुश्ती के क्षेत्र में किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे मजबूत कुश्ती राष्ट्रों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में किर्गिस्तान दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कजाकिस्तान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। भारतीय टीम ने फ्रीस्टाइल में इस ऐतिहासिक जीत के साथ अपने कॉन्टिनेंटल कैंपेन का शानदार अंत किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान, भारतीय दल ने फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती (रेसलिंग) और ग्रीको-रोमन कैटेगरी में कुल 27 पदक जीते, जिनमें 11 स्वर्ण, सात रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के बढ़ते कद और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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