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पश्चिम बंगाल: TMC सांसद सौगत रॉय के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, काफिले पर फेंके अंडे, भीड़ ने घेरा और लगाए ‘चोर-चोर’ के नारे

Written by:Gaurav Sharma
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय को गुरुवार को अपने ही संसदीय क्षेत्र निमटा में भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जब भीड़ ने उनके काफिले पर अंडे फेंके और 'चोर-चोर' के नारे लगाए।
पश्चिम बंगाल: TMC सांसद सौगत रॉय के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, काफिले पर फेंके अंडे, भीड़ ने घेरा और लगाए ‘चोर-चोर’ के नारे

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी के बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय को गुरुवार को उस समय अपने ही संसदीय क्षेत्र में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जब उनके काफिले पर अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए, जिसने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। यह घटना उत्तरी 24 परगना के निमटा में हुई, जहां लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें ‘चोर-चोर’ के नारे प्रमुख थे, साथ ही उनके काफिले पर अंडे भी फेंके गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दमदम से सांसद सौगत रॉय गुरुवार को निमटा थाने पहुंचे थे, जहां वह विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपने गए थे। यह ज्ञापन विशेष रूप से निमटा और उत्तर दमदम के कई इलाकों में तृणमूल पार्षदों पर हुए हमलों के खिलाफ था , जिसे लेकर क्षेत्र में काफी तनाव व्याप्त था। जब 78 वर्षीय सौगत रॉय थाने से बाहर निकल रहे थे, तो बाहर पहले से ही जमा लोगों का एक समूह उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगा, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

भीड़ ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सांसद की ओर अंडे फेंके; हालांकि, अंडे सांसद को सीधे नहीं लगे, लेकिन यह बताया जा रहा है कि एक अंडा उनके वाहन पर जा लगा, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई। प्रदर्शनकारी लगातार ‘चोर-चोर’ के नारे लगाते रहे और सांसद की गाड़ी पर अंडे फेंकते रहे, जो क्षेत्र में व्याप्त जन असंतोष का प्रतीक बन गया। थाने के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सका।

टीएमसी सांसद का भाजपा पर गंभीर आरोप

इस घटना के बाद सांसद सौगत रॉय ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित विरोध प्रदर्शन करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस प्रदर्शन के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं का हाथ था, जो उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए रॉय ने कहा, “जब मैं थाने से बाहर आ रहा था, तब भाजपा समर्थक वहां जमा हो गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने मेरे खिलाफ नारे लगाए और मेरी गाड़ी पर अंडे फेंके। इस तरह की राजनीति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के विपरीत है, जहां जनप्रतिनिधियों को इस तरह निशाना बनाया जा रहा है।”

भाजपा ने सौगत रॉय विरोध प्रदर्शन से झाड़ा पल्ला

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी पार्टी न तो ऐसे कार्यों का समर्थन करती है और न ही इसमें किसी भी तरह से शामिल है। उन्होंने इस घटना को ‘अवांछनीय’ बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह ‘असामान्य नहीं’ है, जो कहीं न कहीं लोगों के गुस्से और भ्रष्टाचार के प्रति उनकी निराशा को दर्शाता है। भाजपा की क्षेत्र इकाई के एक स्थानीय नेता ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं और उन्होंने स्वयं अपने गुस्से में यह प्रदर्शन किया है। इसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है, यह जनता का स्वतःस्फूर्त आक्रोश था।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि भाजपा इसे जनता के असंतोष के रूप में प्रस्तुत कर रही है, बजाय इसके कि वह किसी संगठित विरोध का हिस्सा हो।

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