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ग्वालियर शक्ति दीदी अभियान: कलेक्टर ने आज 6 महिलाओं को बनाया “शक्ति दीदी”, अब तक 118 महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर

Reported by:Atul Saxena|Edited by:Shruty Kushwaha
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भियान के तहत जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाना है।
ग्वालियर शक्ति दीदी अभियान: कलेक्टर ने आज 6 महिलाओं को बनाया “शक्ति दीदी”, अब तक 118 महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर

Gwalior Shakti Didi Campaign

ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चलाया जा रहा “शक्ति दीदी” नवाचार लगातार नई मिसाल पेश कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शुरू की गई इस पहल के तहत महिलाएं अब पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

गुरुवार को जिले की छह महिलाओं को “शक्ति दीदी” के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही ग्वालियर जिले में अब तक 118 महिलाएं इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ चुकी हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक राहुल पाठक और सहायक जिला आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन भी मौजूद रहे।

शक्ति दीदी अभियान

ग्वालियर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शुरू किया गया “शक्ति दीदी” अभियान लगातार असर दिखा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर रुचिका चौहान ने रेसकोर्स रोड स्थित सैनिक फिलिंग स्टेशन पर गायत्री और केसर फिलिंग स्टेशन पर प्रवीणा को “शक्ति दीदी” के रूप में कार्यभार सौंपा। इस दौरान उन्होंने महिलाओं का पुष्पमालाओं से स्वागत किया और उन्हें विशेष जैकेट पहनाकर सम्मानित भी किया। कलेक्टर ने महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन और पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए कि कार्यस्थल पर महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

इसी क्रम में जिले के अन्य अधिकारियों ने भी अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर महिलाओं को “शक्ति दीदी” की जिम्मेदारी सौंपी। बड़ागांव स्थित कामतानाथ फिलिंग स्टेशन पर कल्पना, कम्पू स्थित सुविधा फ्यूल्स पर सोनम और संध्या, जबकि गोले का मंदिर स्थित इन्द्रप्रस्थ फिलिंग स्टेशन पर अनुराधा को फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में नियुक्त किया गया। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही है बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दे रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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