
ग्वालियर शहर शराबखोरी और नशाखोरी के लिए लगातार बदनाम होता जा रहा है। आबकारी विभाग इस पर लगाम लगाने में पूरी तरह असफल रहा है। नशा करने वालों की हरकतों के चलते अब यह हालत है कि आधी आबादी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बीजेपी की ग्वालियर नगर निगम की पार्षद अर्पणा पाटिल (Aparna Patil) ने यह आरोप लगाया है। इतना ही नहीं आबकारी विभाग की नाकामी को इसके लिए दोषी ठहराते हुए अब उन्होंने अचलेश्वर महादेव पहुंचकर भगवान शिव को एक ज्ञापन इस पर रोक लगाने के लिए सौंपा है।
मध्य प्रदेश में पिछले दिनों शराब को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच तनातनी जगजाहिर हुई और काफी हड़कंप भी मचा। दरअसल, जीतू पटवारी ने पिछले दिनों मध्य प्रदेश में महिलाओं के द्वारा शराब सेवन को लेकर जो बयान दिया गया, उसके बाद राजनीतिक हल्कों में तूफान आ गया और पूरी बीजेपी ने जीतू पटवारी को सिरे से नकारते हुए उन्हें महिला विरोधी जैसे आरोपों से घेर दिया। खुद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जीतू पटवारी पर खुद नशे में होने और ऐसे बयान देने का तंज कस दिया।
इन मामलों के बीच में समय-समय पर पूरे प्रदेश से शराबखोरी को लेकर सामने आ रही परेशानियों की खबरें आती रहीं। और कई बार तो सत्ता पक्ष के लोगों ने ही इसे लेकर विरोध किया।अब ग्वालियर से नगर निगम की तेज सरकार पार्षद अर्पणा पाटिल ने विरोध जताया है।
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भाजपा पार्षद ने महादेव के चरणों में सौंपा ज्ञापन
रविवार को अपर्णा पाटिल अचलेश्वर महादेव मंदिर पहुंच गई और वहां उन्होंने भगवान के चरणों में विज्ञापन सौंपा। जिसमें ग्वालियर शहर में बढ़ती शराबखोरी को लेकर आबकारी विभाग को पूरी तरह जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होनें कि, “भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें”। हालांकि आबकारी विभाग में अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन यह बाद गंभीर विषय है, क्योंकि आबकारी विभाग का मुख्यालय भी ग्वालियर में ही स्थित है और खुद आबकारी आयुक्त भी वहीं बैठते हैं।
आबकारी विभाग पर सवाल, कॉंग्रेस के लिए नया मुद्दा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का गृह जिला होने के चलते आबकारी विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा पार्षद को खुद खुलकर सामने आना पड़ा। जाहिर सी बात है आबकारी विभाग की निष्क्रियता के चलते अब कांग्रेस को एक मुद्दा मिल गया है। वह बड़ी आसानी के साथ यह कह सकती है कि जब हम विपक्ष रह कर आरोप लगाएंगे तो उसे राजनीति बताया जाएगा। लेकिन जब खुद बीजेपी की एक महिला ऐसे आरोप लगा रही हैं तो फिर अब किसी प्रमाण की क्या जरूरत है।

